जशपुर जिले के विभिन्न विकासखंडों में कुल्थी बीज का वितरण

क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की पहल
बिलासपुर। कुल्थी छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों की प्रमुख दलहनी फसल है। यह प्रोटीन, जिंक, आयरन एवं रेशा (फाइबर) का प्रमुख स्रोत है। साथ ही इसमें औषधीय गुण भी पाए जाते हैं तथा इसे गुर्दे की पथरी की समस्या में लाभकारी माना जाता है।
दिनांक 8 एवं 9 सितम्बर 2025 को जशपुर जिले के पथलगांव, फरसाबहार, बगीचा एवं कुनकुरी विकासखंडों में कुल्थी बीज का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम जनजातीय उप-योजना (TSP) के अंतर्गत क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर द्वारा आयोजित किया गया।

इस अवसर पर बीज वितरण कार्य डॉ. संजय कुमार वर्मा, मुख्य वैज्ञानिक, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के मार्गदर्शन में डॉ. अवनीत कुमार, वैज्ञानिक (अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन) एवं प्रमुख अन्वेषक, अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (शुष्क दलहन – कुल्थी) तथा डॉ. दिनेश पांडे, वैज्ञानिक (सस्य विज्ञान) सह-प्रमुख अन्वेषक द्वारा संपन्न हुआ।

परियोजना का संचालन क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर स्थित बीटीसी कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर परिसर से किया जा रहा है।
इस बीज वितरण कार्यक्रम में कुल 3 क्विंटल बीज का वितरण किया गया। वितरण दर 8 किलोग्राम प्रति एकड़ रही। कार्यक्रम से जशपुर जिले के विभिन्न विकासखंडों के 37 आदिवासी कृषक लाभान्वित हुए।
बीज वितरण कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक दल ने राज्य की प्रथम महिला श्रीमती कौशल्या देवी साय से उनके निवास पर औपचारिक भेंट की तथा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही, उन्हें आगामी प्रशिक्षण एवं फील्ड डे कार्यक्रम में आमंत्रित किया। श्रीमती कौशल्या देवी ने क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना की और कार्यक्रम में सम्मिलित होने का आश्वासन दिया।