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जान जोखिम में डालकर खाद-बीज उठा रहे गांवों के किसान

मोपका सोसायटी के 70 साल पुराने जर्जर भवन और कीचड़ से सराबोर हुआ परिसर

बिलासपुर। मोपका सोसायटी 5 गावो के किसानों के लिए जी का जंजाल बन गया है। 70 साल पुराना जर्जर भवन कभी भी ढह सकता है।

पूरा परिसर कीचड़ से सराबोर पड़ा हैं, खाद- बीज लेने वाले किसानों की गाड़ियां फंस रही इसलिए दीवार को तोड़कर नया रास्ता बनाया तो यहाँ भी गाड़ियां फंसने लगी है। नतीजतन किसानों को सड़क पर गाड़िया रखकर खाद- बीज ढोना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधि और किसान कई बार शासन-प्रशासन को जानलेवा जर्जर भवन को ढहाकर नया भवन और सीसीरोड बनाने की मांग कर चुके है।पर किसी ने भी ध्यान नही दिया है।जिसके कारण इसी तरह से जर्जर और अव्यवस्था के आलम में किसान आने को मजबूर है।
यही नहीं इसके चलते किसानों को इसी जर्जर भवन और कीचड़ से सराबोर परिसर से जान को जोखिम में डालकर किसानों को खाद बीज ले जाना पड़ रहा है।

वर्जन
खाद बीज के लिए मजबूरी में आना पड़ता है।परिसर में कीचड़ रहता है।लेकिन किसानों की मजबूरी है।
भवन भी काफी पुराना है जिसमें कभी कोई हादसा हो सकता है।

मनीष कुमार
किसान मोपका

वर्जन
जर्जर भवन है।जिसके लिए जिला प्रशासन और सहकारी बैंक को पत्र लिखा गया है।ताकि जर्जर भवन को तोड़कर नया भवन बनाकर दे।इसके साथ ही बारिश में पूरा परिसर कीचड़ से भरा जाता है।जिसके कारण आने जाने में समस्या होती है।

हरिशंकर कश्यप
प्रभारी संस्था प्रबंधक

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