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जिला पंचायत बिलासपुर का प्रतिनिधिमंडल सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के लिए मुंबई रवाना

बिलासपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार तथा जिला सीईओ संदीप अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला बिलासपुर से जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप सहित 14 जिला पंचायत सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दुरंतो एक्सप्रेस के माध्यम से मुंबई के लिए रवाना हुआ। यह प्रतिनिधिमंडल राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सहभागी होगा। यह प्रशिक्षण चौथे बैच के रूप में बिलासपुर संभाग के जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित किया गया है।
यह आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मुंबई स्थित प्रसिद्ध रामभाऊ महालाँघि प्रबोधनी संस्थान में दिनांक 18 फ़रवरी से आयोजित किया जा रहा है, जहाँ पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास, सुशासन, वित्तीय प्रबंधन, आजीविका संवर्धन, डिजिटल पंचायत व्यवस्था तथा सामुदायिक भागीदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के आदर्श ग्रामों का अध्ययन भ्रमण भी करेगा। दल रालेगण सिद्धि तथा पुणे के समीप स्थित हिवरे बाज़ार जैसे उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों का अवलोकन करेगा। इन ग्रामों में जल संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता, पारदर्शी प्रशासन, कृषि उन्नयन एवं सतत विकास के सफल मॉडलों का अध्ययन कर प्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर लागू करने योग्य नवाचारों की जानकारी प्राप्त करेंगे। अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने प्रस्थान पूर्व कहा कि यह प्रशिक्षण बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं मॉडल पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव एवं नवीन कार्यपद्धतियाँ जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विकास की गति को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।
उक्त कार्यक्रम से लौटने के उपरांत प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिले की अन्य पंचायतों के साथ अपने अनुभव साझा किए जाएंगे, जिससे पूरे जिले में नवाचार एवं सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर श्रीमती शिवानी सिंह, उप संचालक पंचायत, ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के लिए इस प्रकार के अंतर राज्य आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी एवं परिणामकारी सिद्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे जनप्रतिनिधियों को जब देश के अन्य राज्यों के सफल मॉडल ग्रामों का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर मिलता है, तो उनकी कार्यदृष्टि और अधिक व्यापक एवं व्यावहारिक बनती है।

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