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गतौरा मेमू हादसे में बड़ा खुलासा,साइको टेस्ट फेल लोको पायलट को दी गई ट्रेन की कमान

13 मौतों का जिम्मेदार कौन? जांच में बड़ा लापरवाही कांड उजागर

रेलवे सिस्टम फेल, साइको फेल लोको पायलट चला रहा था मेमू ट्रेन

बिलासपुर।  लालखदान–गतोरा रेलखंड में 4 नवंबर को हुई भीषण रेल दुर्घटना को लेकर रेलवे सुरक्षा आयुक्त की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत दक्षिण-पूर्व सर्किल, कोलकाता के रेल सुरक्षा आयुक्त बी.के. मिश्रा द्वारा जारी इस रिपोर्ट में हादसे की पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन और उसकी परिचालन प्रणाली पर बताई गई है। रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि कोरबा–बिलासपुर लोकल मेंमू ट्रेन की कमान ऐसे असिस्टेंट लोको पायलट को सौंप दी गई, जो साइकोलॉजिकल टेस्ट पास नहीं कर सकी थीं। इस स्थिति ने दुर्घटना की गंभीरता को बढ़ाया, जिसमें 12 यात्रियों की मौत हुई और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। दुर्घटना के बाद रेलवे को करोड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद यह प्रारंभिक रिपोर्ट सोमवार देर रात रेलवे जोन मुख्यालय और बिलासपुर डिवीजन को भेजी गई है।

*सीआरएस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जिस लोको पायलट के हाथ में ट्रेन की कमान थी*

गतौरा मेमू हादसे पर बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। सीआरएस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जिस लोको पायलट के हाथ में ट्रेन की कमान थी, वह साइको टेस्ट में फेल हुआ था। इसके बावजूद उसे ट्रेन संचालन की अनुमति दे दी गई—और यही सबसे बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। नियमों के खिलाफ लिए गए इस फैसले ने 12 लोगों की जिंदगी छीन ली।जांच रिपोर्ट के मुताबिक यह हादसा सिर्फ मानवीय गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की भारी चूक थी। रेल बोर्ड के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी की गई, निरीक्षण और पर्यवेक्षण जैसी जरूरी प्रक्रियाएँ समय पर लागू नहीं हुईं, और स्टाफ तैनाती में गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। सीआरएस ने इसे गंभीर सिस्टम फेल्योर करार दिया है और साफ कहा है कि यदि नियमों का पालन किया जाता तो यह दर्दनाक दुर्घटना रोकी जा सकती थी।इतनी बड़ी लापरवाही ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

*कैसे हुआ था रेल हादसा*

बता दे
4 नवंबर की शाम कोरबा से बिलासपुर आ रही ट्रेन संख्या 68733 कोरबा–बिलासपुर लोकल मेमू अप लाइन पर खड़ी कोयला लोड मालगाड़ी से जाकर टकरा गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेमू के मोटर कोच और कई डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक सूचना के अनुसार 12 यात्रियों की मृत्यु और 20 से अधिक के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। कई यात्रियों ने बताया था कि ट्रेन गति में थी और टक्कर के पहले किसी तरह का ब्रेक लगने का आभास नहीं हुआ।

वर्जन
अंतिम रिपोर्ट आने के बाद इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है, यह तय किया जाएगा और कड़ी कार्रवाई भी होगी।

अनुराग सिंह
सीनियर डीसीएम रेलवे मंडल

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