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ज्योतिबा फूले की जयंती एआईडीएसओ की रैली

बिलासपुर।छात्र संगठन एआई डीएसओ द्वारा भारतीय नवजागरण काल के महान मनीषी महात्मा ज्योतिबा फुले के 200 वा जन्म वर्षगांठ के अवसर पर शासकीय जेपी वर्मा कॉलेज से मंदिर चौक तक रैली निकाल जयंती मनाया गया तथा चांटीडीह में छात्र कन्वेंशन आयोजित किया गया। यह वर्ष नवजागरण के महान मनीषी ज्योतिबा राव फुले का 200वा जयंती वर्ष है। समाज में व्याप्त विभिन्न तरह के सामंती कुसंस्कारों व कुप्रथाओं के खिलाफ हुए भारतीय नवजागरण आंदोलन की सीखों और संघर्ष की विरासत को समझने के लिए ज्योतिबा फुले का जीवन संघर्ष हमारे सामने एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
ज्योतिबा राव का मानना था कि केवल शिक्षा के जरिए ही इंसान में स्वाभिमान और सोचने-समझने की शक्ति पैदा हो सकती है। आज जब समाज में शिक्षा संस्कृक्ति मानवता पर एक के बाद एक हमले हो रहे हैं तब नवजागरण आंदोलन की ये सीखें हमारे लिए मार्गदर्शन का काम करती है। सावित्री बाई
फुले, फातिमा शेख आदि ने तमाम हमलो का सामना करते हुए आम गरीब अवाम के लिए विद्यालयों की स्थापना की। आज नई शिक्षा नीति के नाम पर शिक्षा के संकुचन का अभियान चलाया जा रहा है। देशभर में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। शिक्षा आम इंसान की पहुंच से दूर हो रही है, स्कूल कॉलेज-यूनिवर्सिटी की फीस लगातार बढ़ रही है। छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को ताक पर रख दिया गया है। फुले एक ऐसा समाज चाहते थे जहां शिक्षा सबकी पहुंच में हो, समाज के अंतिम कतार में खड़ा व्यक्ति भी ज्ञान के प्रकाश से आलोकित हो सके। इसीलिए समाज विकास के मद्देनजर शिक्षा के प्रसार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे। किंतु और शिक्षा आज शिक्षा को लगातार महंगा किया जा रहा है। बजट में कटौती की जा रही है, इसके परिणाम स्वरूप सरकारी शिक्षण संस्थानों में लगातार की फीस वृद्धि जारी है। निजी शिक्षण संस्थान मनमानी फीस वसूल रहे है।

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