ज्वेलर्स से असली सोना लेकर पीतल टिका गए ठग….पुलिस ने इलाहाबाद से 6 सोनारों को किया गिरफ्तार

3 महिलाएं भी शामिल
बिलासपुर। पुलिस ने यूपी के एक ऐसे गिरोह का टोल प्लाजा के माध्यम से खोजकर पर्दाफाश किया है जो पीतल को सोना बताकर ज्वेलर्स संचालकों से ठगी करता था। पुलिस ने गिरोह के 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पुलिस ने 140 ग्राम सोने के गहने, 3 किलो चांदी के गहने और 94 हजार रुपए नगद जप्त किए है। पकड़े गए सभी आरोपी इलाहाबाद के है और एक ही परिवार के है। आरोपियों ने रायपुर और राजनांदगांव में चोरी करना स्वीकार किया है।
एएसपी राजेंद्र जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 28 अप्रैल को सिटी कोतवाली क्षेत्र के हिम्मत लाल ज्वेलर्स गोल बाजार में दोपहर दो महिला आई और नकली सोना को असली बताकर बदले में 42.3 ग्राम असली सोना और नगदी 13,572 रू ले गई। असली सोने की किमत 4,55,000 रू है। ज्वेलर्स के रिपोर्ट पर जुर्म दर्ज कर जांच में लिया गया।

घटना की सूचना पर IG संजीव शुक्ला और SSP रजनेश सिंह को दी गई। अधिकारियों ने तत्काल कार्यवाही करने और आरोपियो को पकडने के निर्देश दिए। इसके बाद एसीसीयू.सायबर सेल एवं थाना सिटी कोतवाली की संयुक्त टीम ने आरोपी महिलाओं की तलाश शुरू की और जानकारी एकत्र करने शहर में लगे कई सीसीटीवी फुटेज खंगाला। जिससे संदिग्धो का हुलिया और उनके आवागमन के संबंध में महत्वपुर्ण जानकारी मिली। सायबर सेल बिलासपुर की टेक्निकल इनपुट से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को अवगत कराकर आरोपियों की धरपकड के लिए विशेष तुम रवाना किया गया जो आरोपियों का पीछा करते हुये राजनांदगांव पहुंची। यहां कारधा एवं सकोली पुलिस जिला भण्डारा महाराष्ट्र के सहयोग से आरोपियों को घेराबंदी कर पकडा गया। आरोपियों के कब्जे से चोरी गई मशरूका सोने चांदी के जेवरात, नगदी रकम एवं चार पहिया वाहन बरामद किया गया है। सभी आरोपियो से पुछताछ करने पर रायपुर एवं राजनांदगांव में भी चोरी करना स्वीकार किया है। जिसके बारे में विस्तृत पुछताछ एवं गिरोह के अन्य सदस्यो के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। बिलासपुर रेन्ज के आईजी एवं एसएसपी ने अपराधियों की पहचान कर सनसनीखेज खुलासा करने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार, अक्षय साबद्रा नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली बिलासपुर, प्रभारी एसीसीयू निरी. राजेश मिश्रा, निरी. अजहरउद्दीन, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली निरीक्षक विवेक पाण्डेय, सउनि शितला प्रसाद त्रिपाठी, प्र.आर. राहुल सिंह, आतिश पारिक, आरक्षक अविनाश, निखिल, विरेन्द्र, अभिजीत म.आर. पुष्पा खरे की प्रशांसा करते हुये उन्हे पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
एसीसीयू ने
नाम गिरफ्तार आरोपी
- प्रदीप सोनी पिता विनोद सोनी उम्र 21 वर्ष साकिन सुल्तानपुर, इलाहाबाद
- मालती सोनी पति कन्हैया लाल उम्र 52 वर्ष साकिन नैनी इलाहाबाद
- पूनम सोनी पिता भारत लाल सोनी उम्र 36 वर्ष साकिन इलाहाबाद
- राहुल सोनी उर्फ मनीष पिता भारत लाल उम्र 22 वर्ष साकिन सेक्टर शांति पुरम, इलाहाबाद
- श्याम सोनी पिता बबलू सोनी उम्र 35 वर्ष साकिन इलाहाबाद
बरामद संपत्ति
140 ग्राम सोने के गहने, किमत 14 लाख, 3 कि.ग्रा. चांदी के गहने, 94 हजार रू नगदी रकम,
मारूती बलेनो कार किमती करीब 06 लाख रू, कुल किमत करीब 22 लाख रू
ज्वेलरी दूकान में चोरी के प्रकरणो की सूची
- थाना उरला जिला रायपुर अपराध क्रमांक 80/2025 धारा 318 (4), 3(5) बी.एन.एस. घटना दिनाक 28.04.2025 के माँ बंजारी ज्वेलर्स मेन रोड उरला।
- थाना सिटी कोतवाली जिला राजनांदगांव अपराध क्रमांक 202/2025 धारा 318 (4), 3(5) बी.एन.एस. घटना दिनाक 29.04.2025 के मा लक्षमी ज्वेलर्स भारत माता चैंक राजनांदगांव।
टोलप्लाजा से महाराष्ट्र तक पहुंची पुलिस
एसीसीयू और पुलिस की टीम ने पहले तो सीसीटीवी फुटेज और उसके बाद बिलासपुर रायपुर हाईवे पर लगे टोलप्लाजा के माध्यम से पीछा करती हुई महाराष्ट्र तक पुलिस की टीम पहुंची।और एक रेस्टोरेंट के बाहर खड़े आरोपियों को शिनाख्त करके गिरफ्तार कर लिया।
बिलासपुर के ज्वेलरी दुकान में ठगी करने के बाद रायपुर और दूसरे दिन राजनांदगांव में घटना को दिशा वारदात
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने सबसे पहले सदर बाजार के ज्वेलरी दुकान में ठगी की,उसके बाद तुरंत रायपुर निकलकर योजना के हिसाब से रायपुर के ज्वेलरी और दूसरे दिन कपड़ा बदलकर राजनांदगांव में ठगी की।उसके बाद महाराष्ट्र के लिए निकल गए।जहां किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे।
कार से आते थे,और ऑटो मे घूमकर करते थे रेकी
पुलिस ने बताया कि आरोपी कार से आते थे और मोबाइल को कार में रखकर दो टीम बाहर निकलकर रेकी करते थे।जो पहले से तय कर चुके थे कि कहां मिलना है।उसके बाद ऑटो मे बैठकर सोने बेचने के नाम पर ज्वेलरी दुकान जाते थे और मौका पाकर घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।बाद में सभी लोग एक जगह पर मिलते थे।
ऐसे पकड़ा पुलिस ने आरोपियों को
पुलिस ने बताया कि आरोपी जब घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए तो मोबाइल में किसी से बात किए और उसके बाद महिलाओं की जब खोजबीन शुरू हुई तो मुखबिर ने बताया कि उक्त महिला ऑटो मे बैठकर गई है।उसके बाद उनका मोबाइल लोकेशन निकालकर खोजबीन शुरू किया गया।जिसके माध्यम से आरोपियों को खोज निकाला गया।