ट्रेड लाइसेंस नीति पर बवाल, व्यापारी सड़कों पर उतरने को तैयार…

नया ट्रेड लाइसेंस बना सिरदर्द, व्यापारी बोले–बोझ मत डालो…
गुमास्ता के बाद ट्रेड लाइसेंस क्यों? व्यापारियों का सवाल…
बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ में नई ट्रेड लाइसेंस नीति को लेकर व्यापारियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। सरकार द्वारा ट्रेड लाइसेंस को अनिवार्य किए जाने के फैसले को व्यापारी वर्ग गलत और अव्यवहारिक बता रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से ही गुमास्ता लाइसेंस के तहत अपना व्यापार कर रहे हैं, ऐसे में एक और लाइसेंस लेने की बाध्यता उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही है।खासकर छोटे दुकानदारों और ठेला व्यवसायियों में इस फैसले को लेकर भारी मायूसी है। व्यापारियों का कहना है कि अचानक ट्रेड लाइसेंस लागू करने से उन्हें फीस और जुर्माने का सामना करना पड़ेगा, जो मौजूदा आर्थिक हालात में संभव नहीं है। पहले से ही मंदी और ऑनलाइन व्यापार की मार झेल रहे व्यापारियों के लिए यह फैसला परेशानी बढ़ाने वाला है।कैट यानी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि लाइसेंस प्रक्रिया जटिल है, जिससे व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ सकते हैं और भ्रष्टाचार की आशंका भी बढ़ेगी।कैट ने साफ शब्दों में कहा है कि ट्रेड लाइसेंस को अनिवार्य करने का फैसला वापस लिया जाए, ताकि छोटे और मध्यम व्यापारियों को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि सरकार व्यापारियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।