डाटा एंट्री ऑपरेटरों का आंदोलन फिर शुरू: मांगों पर समाधान न मिलने से नाराजगी
नवा रायपुर में होगा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
धान खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ समर्थन मूल्य धान खरीदी डाटा एंट्री ऑपरेटर संघ ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर स्थगित आंदोलन को पुनः शुरू करने की घोषणा की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत मोहरे ने बताया कि खाद्य और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मौखिक आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
जिसके कारण एक बार फिर से आंदोलन करना पड़ रहा है। इस बार यह आंदोलन प्रदेश स्तर के अलावा रायपुर में होगा जिसमें मांगो को लेकर उग्र प्रदर्शन किया जायेगा।बता दे प्रदेश भर के करीब 2739 डाटा एंट्री ऑपरेटर आंदोलन में शामिल होंगे। जिनके कारण धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
संघ का दावा है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की जातीं, तो इससे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करना राज्य की कृषि व्यवस्था पर असर डाल सकता है। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में ऑपरेटर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें
- संविलियन: वर्ष 2007 से कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटरों को खाद्य विभाग में शामिल किया जाए।
- वेतन वृद्धि: संविदा वेतनमान में 27% वृद्धि कर ₹23,350 मासिक वेतन अगस्त 2023 से लागू किया जाए।
- नीति में संशोधन: धान खरीदी नीति की कंडिका-11.3.3 को हटाया जाए, जिसमें आउटसोर्सिंग का प्रावधान है।
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उप पंजीयक ने नहीं उठाया फोन
इस संबंध में जानकारी लेने के लिए जब उप पंजीयक मंजू पांडे को फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
वर्जन
डाटा एंट्री ऑपरेटर के हड़ताल की खबर मिली है।इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई धान खरीदी में किसी तरह की कोई कमी और कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
आशीष दुबे
नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक
वर्जन
धान खरीदी में किसी तरह की कोई भी समस्या नहीं होगी।इसके लिए प्रशासन पहले से वैकल्पिक व्यवस्था करके रखती है। धान खरीदी होगी और काम प्रभावित नहीं होगा।
अमित सिंहा
एसडीएम मस्तूरी