डिप्टी सीएम बोले,किसान हमारे देशके अन्नदाता,किसानों के धान का एक एक दाना खरीदा जाएगा

सेंदरी में धान खरीदी का शुभारंभ
किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध—उपमुख्यमंत्री
बिलासपुर।जिले में से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत हो गई। बिलासपुर जिले में इसकी शुरुआत सेंदरी के धान खरीदी केंद्र से की गई, जहां उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रथम खरीद कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस मौके पर डिप्टी सीएम ने कहा कि किसानों के धान का एक एक दाना खरीदा जाएगा।किसान हमारे देश के अन्नदाता है।
दरअसल छत्तीसगढ़ में शनिवार से धान खरीदी की शुरुआत हुई जिसके तहत बिलासपुर के सिणधरी में उपमुख्यमंत्री ने धान खरीदी की शुरुआत की धान खरीदी के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम कछार के छोटे किसान रामकुमार साहू और अनंतराम साहू का धान खरीदा गया। उप मुख्यमंत्री ने दोनों किसानों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उनके धान की तौलाई कर खरीदी प्रक्रिया का विधिवत आरंभ किया।पहले दिन ही सेंदरी केंद्र में पहुंचे किसानों ने बिना किसी समस्या के आसानी से अपना धान बेचा। खरीदी संचालन और व्यवस्था को लेकर किसानों ने संतोष व्यक्त किया। जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों को धान खरीदी में हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने की पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष खरीदी का लक्ष्य ऊंचा रखा गया है और सरकार किसानों के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करेगी।ऑपरेटरों की हड़ताल से संबंधित सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है, इसलिए किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। विपक्ष द्वारा धान खरीदी में समस्याएं खड़ी किए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों को दो साल का बकाया बोनस दिया है और अब अतिरिक्त राशि एवं सुगम खरीदी व्यवस्था के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।
पहले दिन धान खरीदी केंद्र पहुंचे किसानों ने बताया कि धान खरीदी में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हुई वहीं उपमुख्यमंत्री ने उनके धन की तलाई की यह उनके लिए बेहद ही गौरव का क्षण है इस अवसर पर विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

*कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल के बावजूद पहले दिन खरीदी केंद्रों में नहीं दिखी कोई दिक्कत*
बिलासपुर जिले में शनिवार से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत हो गई। पहले ही दिन बड़ी संख्या में किसान अपने धान को बेचने खरीदी केंद्र पहुंचे। केंद्र में किसानों के लिए बरदाना से लेकर तौलाई तक की सभी व्यवस्थाएँ संस्था प्रबंधक ने सुव्यवस्थित रूप से की थीं।धान बेचने पहुंचे किसानों ने भी व्यवस्था पर संतोष जताया। उनका कहना था कि पिछले कई वर्षों की तरह इस बार भी उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। किसान केंद्र में समय पर तौलाई और आवश्यक प्रक्रियाएँ पूरी कर निश्चिंत होकर वापस लौटे।बीते दिनों कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पहले दिन ऐसी कोई स्थिति देखने नहीं मिली। खरीदी प्रक्रिया पूरे दिन सुचारू रूप से चलती रही।
*कलेक्टर बोले,धान खरीदी को वैकल्पिक व्यवस्था में भी बेहतर करने की कोशिश*
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर धान खरीदी होना है।और इसके लिए 15 नवम्बर की तिथि तय की गई थी।जिसमें लंबित मांगो को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर चले गए।तब अन्य विभागों से लेकर हड़ताली कर्मचारियों की जगह भेजकर धान खरीदी की ट्रेनिंग देकर व्यवस्था की गई और पहले दिन ही धान खरीदी हुई।जिसमें किसी तरह की कोई समस्या नहीं आई।
*नोडल बोले,जिले के 140 समिति के पूरी तैयारी*
नोडल अधिकारी आशीष दुबे ने बताया कि धान खरीदी में किसी तरह की कोई भी लापरवाही नहीं बरतना है।इसके लिए कड़ाई से पालन करके जिले के एक एक समितियों का बारीकी से गहन निरीक्षण किया जा रहा है।निगरानी करके पल पल की जानकारी लेकर अपडेट किया जा रहा है।ताकि कही कुछ गड़बड़ी हो तो उसे दूर किया जा सकें।यही कारण है कि फूड विभाग,राजस्व विभाग कृषि विभाग और अन्य विभागों से कर्मचारियों को वैकल्पिक तौर पर रखकर धान खरीदी की व्यवस्था की जा रही है।ताकि किसानों को कही समस्या न हो सके।
*समिति के कर्मचारी बोले,जब तक मांग पूरी नहीं होगा हड़ताल जारी रहेगा*
समिति के कर्मचारियों का कहना की यह हड़ताल लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा,इसके लिए सरकार को हमारी मांग पूरी करनी होगी ।जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक आन्दोलन जारी रहेगा।चाहे इसके लिए जेल जाना पड़े या फिर सरकार के खिलाफ भयंकर आंदोलन करना पड़े।सहकारी समिति के हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारी अब पीछे नहीं हटेंगे।बल्कि एकजुट होकर आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
*किसान बोले,हड़तालियों की मांग जायज है या नहीं,हमे नहीं मालूम,लेकिन इसमें किसान का क्या कसूर*
धान खरीदी केंद्र में पहुंचे किसान रामकुमार साहू, ग्राम कछार और
अनंत राम साहू, ग्राम कछार का कहना है कि धान खरीदी करने वाले कर्मचारी हड़ताल पर है जिनकी कुछ मांग है।अब हमें नहीं पता कि उनकी मांग जायज है या नहीं,लेकिन इसमें किसानों का क्या कसूर है।क्योंकि तकलीफ तो किसानों को होती है।