Blog

धान खरीदी से पहले एग्रिस्टेक पोर्टल बनाकिसानो की मुसीबत…

जिले के लगभग 23 हजार किसान अब भी वंचित

तकनीकी खामियों से अटका किसानो का अग्रिटेक पंजीयन

बिलासपुर।धान खरीदी का सीजन नजदीक आते ही किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। शासन ने इस बार धान खरीदी के लिए एग्रीटेक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य कर दिया है। जिले में तकरीबन 1 लाख 25 हजार पंजीकृत किसान खेती करते हैं, लेकिन इनमें से लगभग 23 हजार किसानों ने अब तक पोर्टल में पंजीयन नहीं कराया है। इसके पीछे तकनीकी खामियां सामने आ रही है और एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो पा रहा है। जाहिर है, ऐसे किसानों को आगामी खरीफ सीजन में धान बेचने में दिक्कत हो सकती है।

इस धान खरीदी के पहले एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन तकनीकी अड़चनें किसानों पर सीधा असर डालेंगी। सरकार जहां पारदर्शिता और फर्जीवाड़ा रोकने की बात कर रही है, वहीं किसान पोर्टल की जटिलताओं से परेशान हैं। आने वाले समय में अगर इस समस्या का समाधान नहीं निकला तो हजारों किसान खुन पसीना बहाकर साल भर अनाज पैदा करने के बाद धान बेचने से वंचित हो जाएंगे। एग्रीटेक पोर्टल में पंजीयन की सबसे बड़ी अड़चन है। सबसे ज्यादा समस्य खातेदारी में दर्ज किसान का हो रहा है। यदि किसी किसान की जमीन किसी तकनीकी कारणों से पंजीयन नहीं हो पा रहा है। वहीं, जिन किसानों ने पिछले डेढ़ साल के भीतर जमीन की खरीदी की और नामांतरण या फौती के जरिए जमीन में बदलाव कराया है, उनका भी पंजीयन अटक रहा है। इसके अलावा ऐसे किसान जिनकी एक से अधिक जगह पर खेती की जमीन है, उन्हें भी मुश्किल हो रही है। इस विषय में जब कृषि विभाग के उप संचालक से बात की गई तो उन्होनें बताया कि जिला प्रशासन के द्वारा इस समस्या को शासन को भेज दीया गया है। जल्द ही इसका निराकरण होगा इसके बाद रुके लोगो का पंजीयन
जल्द हो जायेगा।
एग्रीस्टेक में किसान पंजीयन नहीं होना सिर्फ बिलासपुर जिले की समस्या नहीं है। ऐसी स्थिति पूरे प्रदेश भर में है।अब किसानों को आधार कार्ड आधारित एक विशिष्ट डिजिटल पहचान दी जाएगी। इस पहचान से किसान सीधे सरकार की योजनाओं से जुड़ सकेंगे। फार्मर आईडी के माध्यम से वे न केवल समर्थन मूल्य पर धान बेच सकेंगे बल्कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ ले पाएंगे, कृषि ऋण, बीमा और अन्य सेवाए भी सरलता से प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल किसानों को एकीकृत डेटाबेस से जोड़कर पारदर्शिता लाएगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगा लगाएगी। आने वाले समय में एक आईडी सभी योजनाओं का सपना इसी व्यवस्था से साकार होगा।

वर्जन
फार्मर आईडी के माध्यम से वे न केवल समर्थन मूल्य पर धान बेच सकेंगे बल्कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ ले पाएंगे।

पीडी हथेश्वर
उप संचालक कृषि विभाग बिलासपुर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *