बिलासपुर में ‘अटैचमेंट’ का खेल अधिकारलग्न शिक्षकों को मूल संस्था में भेजा, भ्रष्ट अधिकारियों को लगा ‘तमाचा’
बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने एक ऐतिहासिक आदेश जारी करते हुए जिले में चल रहे शिक्षकों के ‘अटैचमेंट’ के खेल को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इस आदेश के तहत, अब सभी संलग्न (अटैच्ड) शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से उनकी मूल संस्थाओं में वापस भेजा जाएगा। यह निर्णय उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक बड़ा ‘तमाचा’ है जो अपनी मनमर्जी से शिक्षकों को अटैच कर शिक्षा व्यवस्था को बिगाड़ रहे थे।
लंबे समय से बिलासपुर में शिक्षकों के अटैचमेंट को लेकर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। कुछ अधिकारियों द्वारा निजी स्वार्थ के चलते शिक्षकों को ऐसी जगहों पर अटैच कर दिया जाता था, जहां उनकी कोई आवश्यकता नहीं होती थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझते थे। इस आदेश से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बहाल होगी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है।
यह कदम शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। उम्मीद है कि अन्य जिलों में भी इस तरह के सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि ‘अटैचमेंट’ के नाम पर होने वाले भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके।