तोखन साहू बोले,भूपेश बघेल जैसे नेताओं की जरूरत नहीं…केंद्रीय राज्य मंत्री में कहा,भ्रष्टाचारियों को नहीं छोड़ेंगे

बिलासपुर। केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जमकर हमला बोला। जनदर्शन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आदिवासियों का सम्मान नहीं करती, जबकि भारतीय जनता पार्टी समग्र समाज को साथ लेकर प्रदेश का विकास कर रही है।
आदिवासी दिवस पर आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बाद भी भाजपा सरकार विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासियों का सम्मान नहीं किया, ना ही कोई कार्यक्रम किया। तोखन साहू ने कहा हमें भूपेश बघेल से सीखने की जरूरत नहीं है। आदिवासियों का सम्मान कैसे किया जाता है। हमारी पार्टी ने प्रदेश की बागडोर एक ईमानदार आदिवासी नेता विष्णुदेव साय को सौंपी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार विकास की दिशा में काम कर रहे हैं। और मोदी की गारंटी को पूरा कर रहे हैं।तोखन साहू ने भूपेश बघेल पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि 2018 से 2023 तक मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कोयला, रेत और पीएससी समेत कई घोटाले किए । जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात किया। छत्तीसगढ़िया होकर छत्तीसगढ़ की जनता को अपमानित किया। प्रदेश का रुपया लूट लूटकर दिल्ली में किसे पहुंचाया इसकी जानकारी सभी को है।
तोखन साहू ने कहा कि 5 साल में।भूपेश बघेल ने जमकर पैसा बनाया। सभी जानते हैं कि वह पैसा कहाँ गया। लेकिन हमारी सरकार ऐसे भ्रष्टाचारियों को छोड़ने को तैयार नहीं है। भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तोखन साहू ने कहा कि दबाव डालने का सवाल ही नहीं उठता है।ईडी भ्रष्टाचारियों के पास ही जाती है।भूपेश जैसे नेताओं की हमारी पार्टी में जरूरत ही नहीं है । विष्णुदेव सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम किया जाएगा और सरकार काम कर रही है। जायसी बात है किसी भी षष्ठ नेताओं की हमारी पार्टी में जरूरत नहीं है।हमारे पास बहुत नेता हैं। इसलिए भूपेश बघेल का ईडी दबाव का बयान बेबुनियाद है।
तोखन साहू ने कहा जिन्होंने 5 साल भ्रष्टाचार कर लक्ष्मी कमाई है, उन्हें हर जगह वही चीज़ दिखाई देती है। विष्णुदेव साय एक ईमानदार आदिवासी नेता हैं, हम दिखावा नहीं करते।”
उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने न केवल प्रदेश की कमान आदिवासी नेता को सौंपी है, बल्कि देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति भी दी है,। जबकि भूपेश बघेल के कांग्रेस नेता राष्ट्रपति और आदिवासियों का अपमान करते हैं।