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दरभा डिवीजन इंचार्ज  जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा एवं उनकी पत्नी मलंगेर एरिया कमेटी इंचार्ज  माड़वी गंगी, विमला,भीमे ने पुलिस के समक्ष आत्मसर्पण कर किया पुनर्वास

ताड़मेटला कांड , झीरमघाटी हमला, मिनपा हमला, टेकलगुड़ा हमला जैसे गंभीर मामले में शामिल रहे जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा पर शासन द्वारा घोषित है 25 लाख रूपए का ईनाम एवं उसकी पत्नी विमला पर 08 लाख रुपए  घोषित है ईनाम

सुकमा में DRG/STF/CRPF/COBRA के सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे ANTI NAXAL OPRATION  से मिल रही लगातार सफलताओ से जिला सुकमा में सक्रिय माओवादी काफी दबाव में है जिससे पुनर्वास ही अंतिम विकल्प है समझते हुए आत्मसमर्पण किया गया

माओवादी खोखली विचारधारा पर विश्वास में कमी तथा नेतृत्व पर बढ़ते नुकसान से निराशा।

पुलिस व सुरक्षा बलों के साथ लगातार मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं की मृत्यु।

सरकार की पुनर्वास नीति, रोजगार के अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन राशि की जानकारी मिलने से जीवन बदलने की इच्छा से अब माओवादी आत्मसर्पण कर किया जा रहा पुनर्वास

सुकमा। जिला सुकमा पुलिस एवं अल्लूरि सीतारामराजू (AP) पुलिस के समक्ष आज दिनांक 07/12/2025 माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका देते हुए दो महत्वपूर्ण इनामी नक्सलियों, जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा और उनकी पत्नी माड़वी गंगी उर्फ विमला ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन दोनों ने छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर और माओवादी विचारधारा की खोखली सच्चाई को समझते हुए हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

पुलिस अधीक्षक, सुकमा ने बताया कि ये दोनों माओवादी कई गंभीर आपराधिक वारदातों में वांछित थे। उनका आत्मसमर्पण क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों को कमजोर करने में निर्णायक साबित होगा।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत तत्काल लाभ प्रदान किया जाएगा, जिसमें उन्हें नकद प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास हेतु सहायता शामिल है। पुलिस प्रशासन उन्हें एक सम्मानजनक और स्थिर जीवन जीने में हर संभव मदद करेगा।

जिला सुकमा पुलिस, आत्मसमर्पण करने वाले जयलाल और विमला के इस निर्णय की सराहना करती है और बाकी भटके हुए माओवादी कैडरों से भी अपील करती है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति उन्हें एक नया और बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है। पुलिस प्रशासन उनकी सुरक्षा और पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

आत्मसमर्पण करने वाले कैडर डिटेल:-

जयलाल उर्फ़ दिरदो विज्जा (SZCM – स्पेशल ज़ोनल कमेटी मेंबर), दरभा डिवीजन इंचार्ज |
ईनामी ₹25,00,000/- (पच्चीस लाख रुपये)

मूल निवासी: बोडेगुब्बाल, गगनपल्ली पंचायत, थाना एर्राबोरे, जिला सुकमा (छत्तीसगढ़)

बीते 40 वर्षों में संगठन में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं, जैसे:
✔ बाल संगठन सदस्य (1994)
✔ CNM सदस्य – दक्षिण बस्तर
✔ वेस्ट बस्तर दलम सदस्य
✔ एरिया कमेटी सदस्य (ACM/PPCM) – नेशनल पार्क क्षेत्र
✔ LOS कमांडर – नेशनल पार्क
✔ सेक्शन कमांडर – कुटरु क्षेत्र
✔ कंपनी कमांडर – दरभा डिवीजन
✔ मिलिट्री प्रभारी – दक्षिण उप-जोनल कमेटी
✔ SZCM – दरभा क्षेत्र में सक्रिय

*प्रमुख हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता :*

2010 – ताड़मेटला चिंतागुफ़ा हमले में 76 सैनिक शहीद।
2013 – झीरम घाटी कांग्रेस पार्टी के परिवर्तन यात्रा में हमला
2020 – मिनपा चिंतागुफ़ा हमला (17 सैनिक शहीद)।
2021 – टेकलगुडेम मुठभेड़ (22 जवान शहीद)।
2024 टेकलगुडा कैंप अटैक
2024 धर्माराम कैंप अटैक।
एवं अन्य बड़ी घटनाओं में शामिल हैं।

*माड़वी गंगी उर्फ विमला (DVCM – डिवीजनल कमेटी मेंबर)*, मलंगेर एरिया कमेटी इंचार्ज।                            ईनामी ₹8,00,000/- (आठ लाख रुपये) |

मूल निवासी: सोलू पारा,फूलबगड़ी, जिला सुकमा (छत्तीसगढ़)

20 वर्षों से संगठन में सक्रिय और कई भूमिकाएँ निभाईं—
✔ 2006 में कोन्टा क्षेत्र में माओवादी संगठन में शामिल
✔ पार्टी सदस्य — कोन्टा LGS एवं बादेसत्ती LOS
✔ केरलपाल एरिया कमेटी सचिव
✔ जगरगुंडा ACS एवं प्रभारी
✔ DVCM स्तर पर संचालन
✔ अंतिम पद: मलंगेर एरिया कमेटी इंचार्ज।

*प्रमुख हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता :*
2021 – टेकलगुडेम मुठभेड़ (22 जवान शहीद)।
2024 – टेकलगुडा कैंप अटैक
एवं अन्य घटनाओं के शामिल।

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