दल्हा गिरी श्रीरुद्र महायज्ञ पंच कुंडिय एवं श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ कथा में उमड़े भक्त जन

दूरदराज से आ रहे है श्रद्धालुओं की भीड़, ज्ञान कथा,संकीर्तन भंडारे का ले रहे है रहे आंनद
ओम गोस्वामी ।बिलासपुर। दल्हा गिरी पंच कुंडिय एवं श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ कथा में भक्तों की उमड़ी भीड़ l दूरदराज से आ रहे है श्रद्धालुओं की भीड़, ज्ञान कथा,संकीर्तन भंडारे का आनंद ले रहे है l कथा के चौथे दिवस पर वेदव्यास पंडित कौशल किशोर शर्मा जी ने कलियुग के बारे में बताते हुए कहा कि यह कथा सुखदेव महाराज जी राजा परीक्षित को सुना रहा है राक्षस शब्द सुनते ही हमारे मस्तिष्क में कल्पना होने लगती है बड़े-बड़े दांत लंबा-लंबा बिखरा हुआ बोल बड़े-बड़े नाखून रक्त रंजित उसका शरीर लाल लाल आंखें अपने आप कल्पना में आ जाता है वो ही राक्षस है l जो पिता माता इष्ट देवों को न माने l शास्त्र हमारे दर्पण है l बच्चों के सुख के लिए पत्नी के सुख के लिए भाई बधुओं के सुख के लिए न जाने क्या-क्या करता है और अंत में उसको कुछ हासिल नहीं होता l गज और ग्राह की कथा और समुद्र मंथन की कथा का वर्णन किया l इस महायज्ञ को सफल में बनाने में मुख्य यजमान नन्द कुमार गुरुद्वान मदन मोहन सिंह पंडित उमाशंकर गुरुद्वान,मनीष ठाकुर सहित आस पास के ग्रामीणों की सहयोग दिन रात लगे हुए हैं l