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दीक्षांत समारोह में विधायक अपमान पर  बवाल….जगह नहीं मिलने से नाराज हुए MLA….स्मृति चिन्ह में भी नहीं पहुंचे

अटल विवि में बैठने के लिए रखी हुई जगह पर किसी और ने किया कब्जा

बिलासपुर।अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय का छठवाँ दीक्षांत समारोह जहां देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि रहे और छात्रों को सम्मान मिला। वहीं कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा प्रोटोकॉल विवाद भी सामने आया। समारोह में राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा सहित मुख्य अतिथि मंच पर मौजूद थे। पूरा कार्यक्रम गरिमा के माहौल में शुरू हुआ, लेकिन कुछ ही मिनटों में विश्वविद्यालय प्रबंधन की बड़ी चूक ने माहौल बदल दिया।समारोह में विधायको की बैठने की सबसे सामने बनाई गई थी। इसमें विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया और क्षेत्रीय विधायक सुशांत शुक्ला को बैठना था।


लेकिन आश्चर्य तब हुआ जब क्षेत्रीय बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला अपनी निर्धारित दीर्घा में दिखाई ही नहीं दिए। बताया जा रहा है कि उनकी कुर्सी पर भारतीय जनता पार्टी और सरकार के पदाधिकारी पहले से बैठ चुके थे। इस कारण विधायकों की पंक्ति में जगह न मिलने पर सुशांत शुक्ला भीड़ में पीछे जाकर बैठ गए।

*स्वागत भाषण में क्षेत्रीय विधायक का नाम गायब*

कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति प्रो. इंदीवर बाजपेयी ने स्वागत भाषण दिया। यहीं से विवाद ने आकार लिया।कुलपति अपने भाषण में क्षेत्रीय विधायक सुशांत शुक्ला का नाम लेना भूल गए। यह भूल कुछ ही क्षणों में दर्शक दीर्घा तक पहुंच गई और असंतोष की फुसफुसाहट तेज हुई।जैसे ही कुलपति को गलती का एहसास हुआ, एडीएम बाजपेयी ने माइक से घोषणा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आता है। और इसके विधायक सुशांत शुक्ला हैं, हम उनका आभार व्यक्त करते हैं। लेकिन तब तक मामला बिगड़ चुका था।

स्मृति चिह्न के समय भी नहीं पहुंचे सुशांत

कार्यक्रम के अंत में जब सभी विधायकों और जन-प्रतिनिधियों को पूर्व राष्ट्रपति से स्मृति चिह्न देने के लिए मंच पर बुलाया गया। तब सुशांत शुक्ला मंच पर नहीं पहुंचे।
इसके बाद यह चर्चा फैल गई कि सुशांत शुक्ला ने अपमान के कारण मंच पर जाने से इंकार कर दिया।

वर्जन
निर्धारित जगह पर  बैठने की व्यवस्था नहीं थी। इसलिए भीड़ में पीछे बैठ गया। स्मृति चिह्न वितरण के समय भी उसी कारण से मंच तक समय पर पहुंच नहीं सका। भीड़ में से वापस आगे आना अनुचित होता। इसलिए मैं वहीं बैठा रह गया। मेरा कोई विरोध नहीं था, व्यवस्था की वजह से मैं पहुंच नहीं पाया।

सुशांत शुक्ला
विधायक बेलतरा विधानसभा

वर्जन
स्वागत भाषण में क्षेत्रीय विधायक का नाम तकनीकी गलती के कारण छूट गया था। भाषण के तुरंत बाद कुलपति और एडीएम ने सार्वजनिक रूप से नाम लेकर सम्मान प्रकट किया। विधायक के प्रति विश्वविद्यालय की पूरी श्रद्धा और सम्मान है। बैठक व्यवस्था में भी किसी का अनादर करने का उद्देश्य नहीं था।

तारनीश गौतम
कुलसचिव अटल यूनिवर्सिटी

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