दूध की प्रति लीटर कीमत बढ़ाई जाने की कोशिश में हैं डेयरियां….दूध उत्पादन में 10 फीसदी गिरावट

भाटापारा- हरा चारा खत्म। दूध उत्पादन में 10 फीसदी गिरावट के बाद उत्पादन का स्तर बनाए रखने के लिए डेयरियां प्रयास तो कर रहीं हैं लेकिन पशु आहार में आ रही गर्मी प्रयास में बाधा बन रहीं हैं, ऐसे में दूध की प्रति लीटर कीमत बढ़ाई जाने की कोशिश में हैं डेयरियां।
तेज धूप। हरा चारा खत्म। ऐसे में दूध का उत्पादन तेजी से घट रहा है जबकि मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश तो कर रहीं हैं डेयरियां लेकिन पशु आहार में जैसी तेजी आई हुई है, उससे अब परेशान हो चलीं हैं डेयरियां।

घट रहा उत्पादन
बारिश और शीत ऋतु में रोजाना 10 से 12000 लीटर दूध का उत्पादन होता है। प्रतिकूल मौसम में इसमें 10 फ़ीसदी की गिरावट आ चुकी है जबकि मांग 12 से 15 हजार लीटर पर पहुंची हुई है। मांग और आपूर्ति के बीच आ रहे अंतर खत्म करने के प्रयास तो किये जा रहे हैं लेकिन पशु आहार की खरीदी के लिए अतिरिक्त पूंजी लगानी पड़ रही है क्योंकि इसमें गर्मी बनी हुई है।

सांसत में यह भी
शहर से 10 किलोमीटर की परिधि में बसे गांवों में रहने वाले ऐसे ग्वाले भी दुग्ध उत्पादन में आ रही गिरावट को देखते हुए सांसत में आ चुके हैं। बताते चलें कि ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादित दूध की आपूर्ति, बिलासपुर, अकलतरा, चांपा और कोरबा को की जाती है। इसके अलावा रायपुर, भिलाई और दुर्ग जैसे बड़े शहरों को भी दूध की आपूर्ति होती है।

बढ़ सकती है प्रति लीटर कीमत
दही, छाछ और लस्सी के लिए दूध में अतिरिक्त मांग बनी हुई है। इसलिए डेयरियों और मिल्क काउंटरों में दूध की प्रति लीटर कीमत में अलग-अलग स्थितियां देखी जा रहीं हैं। 45 से 70 रुपए प्रति लीटर जैसे भाव को भी अब कम मन रहीं हैं डेयरियां। इसलिए इसे बढ़ाने की कवायद की खबरें उपभोक्ताओं तक पहुंचने लगीं हैं।