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लूतरा शरीफ में हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह का 67वां सालाना उर्स 9 अक्टूबर से

परचम कुशाई के साथ होगा आगाज़ – 4 दिवसीय मेले में उमड़ेगी लाखों की भीड़

दो रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को खूब पढ़ाओ रहेगा उर्स का केंद्रीय संदेश

बिलासपुर।आस्था, श्रद्धा और इंसानियत का प्रतीक सूफी संत हजरत बाबा सैय्यद इंसान अली शाह रहमतुल्लाह अलैह का 67वां सालाना उर्स पाक 9 अक्टूबर (गुरुवार) से ऐतिहासिक लूतरा शरीफ दरगाह में शुरू होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस उर्स का समापन 12 अक्टूबर (रविवार) को कुल की फातिहा और रंग की महफिल के साथ होगा।
परंपरा के अनुसार उर्स का आगाज़ सुबह 11 बजे परचम कुशाई (ध्वज फहराने) की रस्म से होगा। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी, कमेटी सदस्य और हजारों जायरीन मौजूद रहेंगे।

तैयारियों का मुआयना – सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पूरी
उर्स से पहले एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल, सीपत तहसीलदार सोनू अग्रवाल और थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने दरगाह परिसर, मेला स्थल और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। दरगाह कमेटी चेयरमैन इरशाद अली ने बताया कि शासन-प्रशासन के सहयोग से तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
लाखों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन, वाहन पार्किंग, पेयजल, सफाई, रोशनी और लंगर की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती भी की जाएगी।
पहला दिन – परचम कुशाई, संदल चादर और नातिया मुशायरा
उर्स का आगाज़ 9 अक्टूबर को सुबह 11 बजे परचम कुशाई से होगा। दोपहर 3 बजे नागपुर की जमील मैकस मटका पार्टी के साथ दादी अम्मा का संदल चादर निकाला जाएगा।
रात 9 बजे दरगाह परिसर स्थित समा महफिल हॉल में ऑल इंडिया नातिया मुशायरा होगा। इस मुशायरे में देशभर के प्रसिद्ध शायर — मोहम्मद अली फैज़ी, जैनुल आबेदीन, नदीम रज़ा फैज़ी, गुलाम नूरे मुजस्सम और डॉ. जाहिर रहबर शिरकत करेंगे। मुशायरे का संचालन कफील अंबर खान अशरफी करेंगे।
दूसरा दिन – मज़ार पाक का गुस्ल और शाही संदल
10 अक्टूबर शुक्रवार को दोपहर 12:40 बजे मज़ार पाक का गुस्ल किया जाएगा। इसके बाद खम्हरिया मस्जिद स्थित नानी अम्मा की दरगाह से राज बैंड पार्टी बिलासपुर की अगुवाई में शाही संदल निकलेगा।
रात 9 बजे हजरत मौलाना सैय्यद अमीनुल कादरी साहब मालेगांव (महाराष्ट्र) की तकरीर (धार्मिक प्रवचन) होगी, जिसमें देश और समाज में अमन-शांति, शिक्षा और मानवता का संदेश दिया जाएगा।
तीसरा दिन – सूफियाना कव्वाली से गूंजेगी रात
11 अक्टूबर शनिवार की रात वन विभाग गार्डन (दरगाह के सामने) में भव्य कव्वाली सम्मेलन होगा। मंच पर मुंबई के मशहूर कव्वाल मुज्तबा अजीज नाज़ा और राजस्थान सरवर शरीफ के सूफी ब्रदर्स दिलशाद व इरशाद साबरी सूफियाना कलाम पेश करेंगे।
इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय और बाहरी जिलों से हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।

चौथा दिन – रंग की महफिल और कुल की फातिहा
12 अक्टूबर रविवार को उर्स का समापन पारंपरिक रंग की महफिल और कुल की फातिहा से होगा। रंग की महफिल में दिलशाद–इरशाद साबरी फिर एक बार सूफियाना कव्वाली पेश करेंगे।
कुल की फातिहा जाइस किछौछा (उत्तरप्रदेश) के मशहूर आलिम हजरत मौलाना सैय्यद मोहम्मद सलमान अशरफ साहब की अगुवाई में होगी, जो देश-प्रदेश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ करेंगे।
लंगर और वालंटियर्स – सेवा में जुटे 200 से अधिक स्वयंसेवक
दरगाह कमेटी ने बताया कि उर्स के दौरान 24 घंटे शुद्ध शाकाहारी शाही लंगर चलेगा। रोज सुबह जायरीनों के लिए चाय-नाश्ते की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
लगभग 200 वालंटियर्स को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं — जिनमें पार्किंग, सफाई, लाइटिंग, भीड़ नियंत्रण और पेयजल वितरण शामिल है।
उर्स परिसर में डीजे साउंड पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
सामाजिक संदेश: “दो रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को खूब पढ़ाओ”
उर्स कमेटी इस साल शिक्षा जागरूकता अभियान चला रही है। दरगाह में आने वाले श्रद्धालुओं को बच्चों की शिक्षा के महत्व पर जागरूक किया जाएगा।
चारों दिन 12 वर्ष तक के बच्चों को कॉपी, पेन और पेंसिल किट वितरित की जाएगी। कमेटी ने उर्स का केंद्रीय संदेश रखा है —
“दो रोटी कम खाओ, लेकिन बच्चों को खूब पढ़ाओ।”
कमेटी और पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका
उर्स की तैयारी और आयोजन में दरगाह कमेटी, ग्राम पंचायत और स्थानीय समुदाय मिलकर कार्य कर रहे हैं।
मुख्य पदाधिकारी इस प्रकार हैं —
चेयरमैन: इरशाद अली
उपाध्यक्ष: मोहम्मद सिराज
सेक्रेटरी: रियाज अशरफी
नायब सेक्रेटरी: हाजी गुलाम रसूल
खजांची: रोशन खान
सदस्य: हाजी अब्दुल करीम बेग, फिरोज खान, हाजी मोहम्मद जुबेर, महबूब खान, मोहम्मद कुद्दूस, अब्दुल रहीम
साथ ही दरगाह के खादिम, व्यापारी वर्ग, पंचायत प्रतिनिधि और मुस्लिम जमात के सैकड़ों लोग दिन-रात तैयारियों में जुटे हैं।

5 दिनों की तैयारी और प्रबंधन व्यवस्था
व्यवस्थाजिम्मेदारीस्थितिसुरक्षा व्यवस्थापुलिस व प्रशासनपूर्णट्रैफिक नियंत्रणट्रैफिक विभाग व वालंटियर्सलागूपेयजल, सफाई, लाइटिंगनगर पंचायत व कमेटीजारीलंगर व भोजन व्यवस्थादरगाह कमेटी24 घंटे सक्रियआवास व पार्किंगग्राम पंचायत, स्थानीय समाजतैयार।लूतरा शरीफ का यह उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, शिक्षा और इंसानियत का पर्व बन चुका है। हजारों जायरीन अमन, भाईचारा और सीख के इस संदेश के साथ लूतरा शरीफ पहुंचेंगे।

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