धान खरीदी के अंतिम चरण में प्रशासन सख्त

अवैध धान पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
धान माफियाओं पर शिकंजा,जिले में 5 राइस मिल सील…1 लाख क्विंटल धान की कीमत 56 करोड़ रुपए
बिलासपुर ।प्रदेश में धान खरीदी अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। खरीदी के इस अहम दौर में धान की री–सायकलिंग और अवैध लेन–देन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। प्रशासन की टीम लगातार मैदान में उतरकर अवैध धान के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।अब तक 1 लाख क्विंटल धान को जप्त किया जा चुका है। जिसकी कीमत करीब 56 करोड़ बताई जा रही है।
दरअसल अब तक जिले में लगभग 75 प्रतिशत किसान अपना धान बेच चुके हैं। लेकिन जैसे–जैसे खरीदी के अंतिम दिन नजदीक आते हैं, वैसे–वैसे कोच्चियों और बिचौलियों के जरिए धान की री–सायकलिंग की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसी खतरे को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग–अलग क्षेत्रों में लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रही हैं।प्रशासन की सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है। जिले में अब तक 71 कोच्चियों से 3 हजार क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया जा चुका है। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है, जो नियमों को ताक पर रखकर गलत तरीके से मुनाफा कमाने की कोशिश कर रहे थे।सिर्फ कोच्चियों पर ही नहीं, बल्कि जिले की राइस मिलों पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। जिले की कुल 181 राइस मिलों में लगातार जांच की जा रही है। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर अब तक 5 राइस मिलों को सील किया जा चुका है। इन मिलों में करीब 1 लाख क्विंटल से अधिक धान से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 56 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इधर जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। धान खरीदी पूरी होने तक अवैध धान, री–सायकलिंग और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे। प्रशासन का लक्ष्य साफ है—किसानों को न्याय, व्यवस्था में पारदर्शिता और धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाना।
वर्जन
अब तक 56 करोड़ का अवैध धान जप्त किया जा चुका है।यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अमृत कुजूर
जिला खाद्य अधिकारी बिलासपुर