धान खरीदी से पहले बड़ा संकट,3 नवंबर से सहकारी समिति कर्मचारी संघ करेंगे अनिश्चित कालीन हड़ताल….धान खरीदी पर मंडराया संकट, कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ़ खोला मोर्चा….

पिछले साल मिला था लिखित आश्वासन,अब तक पुरी नही हुई कोई भी मांग.
किसानो और शासन दोनो के लिए चुनौती बना संघ का आंदोलन
बिलासपुर ।प्रदेश में इस बार धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने जा रही है। प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है, लेकिन इसी बीच एक बड़ी चिंता की खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। अगर यह हड़ताल होती है तो आने वाले दिनों में धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है।
जिले में धान खरीदी को लेकर पूरे प्रदेश में तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ का कहना है कि सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। पिछले वर्ष भी शासन ने लिखित आश्वासन दिया था कि कर्मचारियों को सुखद राशि दी जाएगी, लेकिन आज तक वह वादा अधूरा है।संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस बार कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रबंधक संघ भी एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होंगे। संयुक्त संगठन के रूप में यह आंदोलन तीन चरणों में किया जाएगा।पहला चरण 24 अक्टूबर को होगा, जब जिले स्तर पर रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।दूसरा चरण 28 अक्टूबर को संभाग स्तर पर आंदोलन के रूप में मनाया जाएगा।और तीसरे चरण में 3 नवंबर से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरुआत होगी।सहकारी समिति कर्मचारी संघ का कहना है कि धान खरीदी में सबसे बड़ी भूमिका उनके कर्मचारियों की होती है। खरीदी केंद्रों में किसानों के पंजीयन से लेकर तौल, भुगतान और भंडारण तक, हर प्रक्रिया में समिति कर्मियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में अगर वे हड़ताल पर चले गए, तो पूरी व्यवस्था ठप पड़ सकती है।कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे धान खरीदी का बहिष्कार करेंगे। अब देखना होगा कि शासन इस आंदोलन से पहले कर्मचारियों को मनाने की कोशिश करता है या फिर इस बार धान खरीदी की शुरुआत पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे।धान खरीदी छत्तीसगढ़ के किसानों की जीवनरेखा मानी जाती है। ऐसे में यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों किसानों के भविष्य से भी जुड़ा है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
वर्जन
काफी दिनों से लंबित मांग है।जिसके लिए सरकार और कलेक्टर के अलावा सीईओ।के।पास भी आवेदन दिया गया,हर बार आश्वासन मिला है लेकिन लंबित मांग पूरा नहीं हुआ है।इसलिए एक बार फिर से आंदोलन का रुख अपनाना पड़ रहा है।
कमलकांत पाटनवर
अध्यक्ष सहकारी समिति कर्मचारी संघ
वर्जन
सहकारी समिति के लोगो का सीधा और साफ कहना है कि मांग पूरी नहीं हुई तो आन्दोलन चलता रहेगा।
रुंद्रदत्त तिवारी
जिला महासचिव
वर्जन
इस संबंध में चर्चा हो रही है।चूंकि यह मामला राज्य सरकार का है।इसलिए इसमें ज्यादा कुछ नहीं बोल सकता।
आशीष दुबे
नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक