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नगर निगम के MIC की पहली बैठक में प्रभारी सदस्यों ने मांगा एसी चैंबर….फिर बोले एक साल का TAX लिया जाए…3 साल का करे माफ

फिर पब्लिक की आवाज भी उठाई

3 साल पुराने बकाये को भी एकमुश्त के बजाय किश्तों में लेने रखी बात

बिलासपुर। नगर् पालिक निगम के नवनिर्वाचित मेयर कार्यपरिषद की पहली बैठक में एमआईसी सदस्यों ने पानी,टैक्स,साफ सफाई,सिवरेज के गड्ढे,अटल आवास अलॉटमेंट में दूसरे व्यक्ति का कब्जा और आवारा मवेशियों को हटाने की मांग की। लगभग सभी एमआईसी मेंबर्स ने अपने अपनी समस्या बताई।

नगर निगम में नगर सरकार बनने के बाद
पहली एमआईसी की बैठक हुई।महापौर पूजा विधानी और आयुक्त के अलावा नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे।एमआईसी की लगभग 2 घंटे तक चली मीटिंग में सबसे पहले सभी एमआईसी मेंबर्स ने पानी की समस्या बताई।एमआईसी मेंबर्स ने कहा कि जल संकट आने की संभावना है।जल स्तर लगातार नीचे गिर रहा है।इसके लिए नगर निगम की तरफ से अभी से तैयारिया की जाए ताकि आमजनों को पानी की समस्याओं से नहीं जूझना पड़े।
इसके बाद एमआईसी मेंबर्स मोती गंगवानी ने अपने वार्ड की समस्याओं के बारे में बताया उन्होंने मेयर से कहा सिर्फ एक वार्ड में नहीं बल्कि हर वार्डो में आवारा मवेशियों की समस्या बनी हुई है।जिनके कारण हादसे होते है और घर के सामने जानवरों के बैठे रहने से गंदगी भी होती है।इसके लिए नगर निगम को खास ध्यान देना चाहिए।ताकि आवारा जानवरों की समस्याओं से मुक्ति मिल सके।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के एमआईसी मेंबर्स केशरी इंगोले ने मेयर से कहा कि हर जोन मे मृत्यु प्रमाण बनाने वाला कर्मचारी होना चाहिए।ताकि किसी को भी नगर निगम तक सहायता राशि लेने आने की जरूरत न पड़े। इससे आमजनों को राहत मिलेगा और खासकर उनको जो गरीब परिवार है जिनको मृत्यु के समय शासन से सहायता राशि मिलती है।
एमआईसी मेंबर विजय
ताम्रकार ने मेयर से कहा कि अटल आवास गरीबों और हितग्राहियों के लिए बनाई गई योजना है।जिसमें उनको ही रहना है।लेकिन अटल आवास हितग्राहियों के नाम पर अलार्ट होता है और रहते कोई दूसरे लोग है।इसमें कई लोग बेच दिए है तो कई लोग किराए में दिए है इस तरह से कई लोग के फर्जीवाड़ा किया है जिसकी जांच नगर निगम के अफसरों को खुद करना चाहिए।
जिसमें हितग्राहियों को आवास मिलेगा और फर्जी तरीके से रहने वालो का खुलासा भी होगा।
एमआईसी सदस्य श्याम साहू बोले कि शहर में साफ सफाई के लिए मशीन की और जरूरत है।धुंआ मशीन और आना चाहिए इससे आमजनों को मच्छर से राहत मिलेगा।
और बीमारियां भी नहीं होगी।एमआईसी मेंबर बंधु मौर्य बोले कि अवैध प्लाटिंग कर मकान बनवाने वाले पर कार्रवाई करना चाहिए ताकि अवैध प्लाटिंग करने वाले सावधान रहे और कोई भी भूमाफिया अवैध प्लाटिंग न कर सके।
इसके लिए नगर निगम को एक बार फिर से जांच करवानी चाहिए और अवैध प्लाटिंग वालो के खिलाफ अभियान छेड़ना चाहिए।
इसके बाद ग्रामीण क्षेत्र से चुने हुए पार्षद और अब एमआईसी मेंबर ने टैक्स का मुद्दा उठाया।उन्होंने कहा कि
एक साल का टैक्स नगर निगम वसूल ले और 3 साल का टैक्स माफ कर देना चाहिए ताकि हितग्राहियों को लाभ मिल सके।इसके जवाब में आयुक्त ने कहा कि हर साल 31 मार्च को टैक्स पटाने का दिन आखिरी रहता है उसके बाद 15 प्रतिशत ब्याज के साथ अधिक रकम जमा करना लड़ता है।लेकिन इस बार टैक्स जमा करने वालो से 15 प्रतिशत की अधिक वसूली नहीं की जाएगी।मेंबर बोले कि ग्रामीणों को नहीं मालूम कि टैक्स क्या होता है।इसलिए एक साल का लीजिए और 3 साल का लंबित रखिए या माफ कीजिए।
वहीं एमआईसी मेंबर ने शहर में सिवरेज के कार्य को लेकर बोला कि सिवरेज के गड्ढे में लगाए गए चेंबर से आमजनों को बहुत ज्यादा समस्या है।कई बार हादसा हो चुका है।क्योंकि चेंबर सही तरीके से फिट नहीं बैठा है और इसलिए सिवरेज के गड्ढे में चेंबर कही ऊपर तो कही नीचे हो गया है।जिसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए।इसके बाद एमआईसी मेंबरों ने पेंशन प्रकरण समेत कई प्रस्ताव रखे। जिसमें से ज्यादातर प्रस्ताव पुराने है । जिनमे विचार-विमर्श करके निर्णय लेने सहमति जताई गई।

टैक्स की मांग जोरो से उठी की 1 साल का टैक्स ले लिया जाए

पहली एमआईसी मीटिंग में सबसे ज्यादा मुद्दा पानी उसके बाद टैक्स को लेकर छाया रहा। जिसमें लगभग सभी पार्षदों के टैक्स को लेकर कहा कि निश्चित ही 3 साल का टैक्स माफ करना चाहिए तब महापौर और आयुक्त ने कहा कि निगम के पास फंड की कमी है।इसलिए 3साल का माफ नहीं किया जा सकता थोड़ा सा राहत जरूर दिया जा सकता है।

मेंबरों ने मेयर से ऐसी चैंबर की मांग की

एमआईसी की पहली मीटिंग में ही भारी गर्मी को देखते हुए एमआईसी के सदस्यों के एसी चैंबर देने की मांग की,बोले कि बिना एसी के रहना और ऑफिस में बैठना मुश्किल हो जायेगा।
इसलिए एमआईसी मेंबरों के लिए जल्द से जल्द कमरा अलार्ट
करवाकर एसी लगवाया जाए।

यूजर चार्ज को लेकर उठाई आवाज

जनता पर पड़ रहे यूजर चार्ज के भारी भरकम मार और 3 साल के बकाया वसूली को अनुचित बताकर इसे कम करने और किश्तों में वसूली करने का प्रस्ताव भी रखा। जिसे निगम आयुक्त ने यह कहकर हस्तक्षेप किया कि 31 मार्च तक इसे यथावत रखा जाए।बल्कि मार्च के बाद अधिक भार नहीं लिया जायेगा।

मेयर ने एमआईसी मेंबरों का कराया परिचय निगम अफसरों से

बैठक की शुरुआत में अध्यक्षता कर रही मेयर पूजा विधानी ने सभी एमआईसी सदस्यों और अफसरों का एक-दूसरे का परिचय कराया।
इसके बाद मिलकर काम करने और आपसी सहयोग करने की बात कही।

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