नगर निगम ने सफाई ठेके में लगाए नियम,ठेकेदारों में आक्रोश
ठेके में अनुभव की डाली गई शर्त, इसी बात को लेकर हो रहा विरोध
बिलासपुर । नगर निगम के द्वारा हर साल शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए करोड़ों रुपए सफाई व्यवस्था में खर्च किए जाते हैं नगर निगम में मौजूदा समय में जहां दो-डोर कचरा कलेक्शन मुख्य मार्गों का सफाईकरण के साथ नालों और मोहल्ले में सफाई के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए जाते हैं वार्डों में जिन कर्मचारियों की नियुक्ति होती है। उन्हें निष्ठा एप के माध्यम से भुगतान किया जाता है । वहीं इसके लिए बताया टेंडर निकालकर काम भी दिया जाता है लेकिन इस बार नगर निगम ने वार्डों में सफाई कर्मचारियों की उपलब्धता के लिए टेंडर भरने वाले सभी ठेकेदारों को सफाई कर का अनुभव होने की नियम और शर्तें लगाई है जिसका विरोध अब किया जा रहा है नगर निगम के द्वारा इस बार सफाई ठेके के लिए अनुभव किया अनिवार्यता के बाद अब इसमें विरोध के स्वर उत्पन्न होने लगे थे लेकिन उसके बाद भी पिछले दिनों नगर निगम के द्वारा इसे एमआईसी मिलकर स्वीकृति प्रदान कर दी गई जिसके बाद अब निष्पक्ष और बेहतर ढंग से सफाई ठेके का काम किया जा सकेगा मौजूदा समय में 1 जोन में लगभग 60 कर्मचारियों की ड्यूटी लगती है जिनकी जिम्मेदारी वार्ड में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखना होता है देखना होगा कि नहीं व्यवस्था से वार्डों की सफाई में कितना परिवर्तन होता है।
वर्जन
नगर निगम ने सफाई मामले के अब थोड़ा सा बदलाव किया हैं । ताकि शहर में सफाई के कमी न हो और शहर की सफाई बनी रहे
श्याम साहू
चेयरमैन स्वास्थ विभाग नगर निगम