नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में 3 करोड़ 42 लाख का हुआ मुआवजा घोटाला, दोषी आरआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज, बर्खास्तगी के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव
– अरपा भैंसाझार परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण मामले में आरआई ने एक ही खसरे का चार बार अलग– अलग प्रतिवेदन पेश कर निजी जमीन मालिक को लाभ पहुंचाते हुए गलत ढंग से मुआवजा दिलवा शासन को 3 करोड़ 42 लाख रुपए की आर्थिक क्षति को अंजाम दिया। मामले में मामले में कलेक्टर अवनीश शरण ने टीम गठित कर जांच करवाई। जांच में दोषी पाए जाने पर राजस्व निरीक्षक के खिलाफ आज सकरी थाने में अपराध दर्ज करवाया गया है। वहीं उसकी बर्खास्तगी का प्रकरण शासन को भेजा गया है ।
बिलासपुर। अरपा भैंसाझार परियोजना के चकरभाठा वितरण नहर निर्माण में भूमि अधिग्रहीत करने और मौज बांटने में करोड़ों की गड़बड़ी के मामले में जांच में पुष्टि होने पर तत्कालीन पटवारी और वर्तमान आरआई मुकेश साहू के खिलाफ एफआईआर की गई है। आरआई ने पटवारी रहने के दौरान भू अर्जन प्रकरण में चार बार विरोधाभासी प्रतिवेदन पेश किया और भू अर्जन तथा मुआवजा बनाने में गड़बड़ी की। जमीन मालिक को लाभ पहुंचा शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने पर कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर सकरी थाने में दोषी आरआई मुकेश साहू के खिलाफ एफआईआर करवाई गई है।
अरपा भैंसाझार परियोजना में मुआवजा बांटने की आड़ में तत्कालीन हल्का पटवारी नंबर 45 मुकेश साहू के द्वारा शासन को 3 करोड़ 42 लाख रुपए की क्षति पहुंचाई गई। मुकेश साहू ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और भू अर्जन अधिकारी कोटा को भू अर्जन के प्रकरण में एक खसरे का चार अलग– अलग रकबा दर्शाते हुए विरोधाभासी प्रतिवेदन दिया था। बटांकित खसरा नंबरों को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के बगैर ही मर्ज कर दिया गया। मामले में पटवारी साहू के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी। जांच के दौरान उसे निलंबित कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट में मुकेश साहू के खिलाफ एक खसरा नंबर का अलग– अलग रकबा दिखा मुआवजा बांटने में तीन करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपए की गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
मनोज अग्रवाल को किया गया अवैध भुगतान:–
मुआवजा देयक पत्रक में खसरा नंबर 1/4 रकबा,0.03 एकड़ को सिंचित और दो फसली बता कर अवैध रूप से 37 लाख 37 हजार और खसरा नंबर 1/6 रकबा 0.62 एकड़ में एक करोड़ रुपए मुआवजा भुगतान अवैध तरीके से मनोज अग्रवाल पिता पवन अग्रवाल को किया गया। मामले के संज्ञान में आने पर कलेक्टर अवनीश शरण ने जांच टीम बनाई थी। जांच टीम ने कल सोमवार को कलेक्टर अवनीश शरण को रिपोर्ट सौंप दी थी। इसमें आरआई मुकेश साहू द्वारा तीन करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपए की गड़बड़ी करने की पुष्टि हुई है।
जांच में तत्कालीन हल्का पटवारी नंबर 45 मुकेश साहू ने सकरी में पदस्थापना के दौरान भू अर्जन प्रकरण क्रमांक 85/अ–82/2017–18 में चार बार प्रतिवेदन पेश किया था, जो परस्पर विरोधाभासी थे । रकबों में भी भिन्नता थी। ग्राम सकरी में खसरा नंबर 1,9,10 में हुए बटांकन को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के बगैर मर्ज कर भू– नक्शा पोर्टल में मूल नंबर दर्शाया गया। इस तरह गड़बड़ी कर जमीन मालिक को लाभ पहुंचा शासन को नुकसान पहुंचाया गया।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर अवनीश शरण ने धांधली करने वाले तत्कालीन पटवारी और वर्तमान आरआई मुकेश साहू को बर्खास्त करने शासन को प्रस्ताव भेजा है। साथ ही कलेक्टर ने एसडीएम तखतपुर को आरआई मुकेश साहू को एफआईआर के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आज सकरी थाने में आरआई मुकेश साहू के खिलाफ एफआईआर करवाई गई है। आरोपी आरआई पर धारा 420,467,468 471,409,120 बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वहीं पूर्व से ही एफआईआर की भनक लग जाने के चलते आरआई फरार हो गया है।