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नेशनल हाइवे पर लूटपाट और हत्या करने वाला गिरोह चढ़ा पुलिस के हत्थे…

आदतन अपराधी निकले तीनों आरोपी, कई मामलों में जा चुके है जेल

पेट्रोल पंप लूट में सीसीटीवी फुटेज से मिलता था आरोपी का चेहरा,कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों के कबूला उनसे भी है दोस्ती हमारी

बिलासपुर ।राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूटपाट और हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसएसपी बिलासपुर रजनेश सिंह के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई है।


गिरफ्तार आरोपियों में जय दिवाकर 20 वर्ष, सूरज साहू 20 वर्ष और प्रदीप धुरी 19 वर्ष शामिल हैं, जो सभी तिफरा क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल, रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन, तीन धारदार चाकू, लूटे गए मोबाइल फोन तथा नगद रकम जब्त की है। आरोपियों का पूर्व में भी लूटपाट के मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वे पहले जेल भी जा चुके हैं। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी ने बताया कि 17 अगस्त 2025 को कोरिया बैकुंठपुर निवासी राज सिंह अपने हेल्पर पारस केंवट के साथ ट्रक में सीमेंट लोड कर मनेन्द्रगढ़ जा रहे थे। गतौरी के पास टायर पंचर होने पर वे रुके थे, तभी मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने चाकू दिखाकर 6000 रुपये और मोबाइल लूट लिया।

विरोध करने पर हेल्पर पारस केंवट पर चाकू से हमला किया गया, जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ए.सी.सी.यू. और थाना कोनी की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। इस बीच पुलिस ने एक एक सीसीटीवी और आसपास के लोगो के अलावा संदेहियों और हुलिए के आधार पर जांच की।बारीकी से जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तो पहुंची और उसके बाद पेट्रोल पंप के हुए लूट का भी खुलासा हुआ।

*200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच*

पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना स्थल और आसपास के लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई।जिन्होने कई जगहों पर अंजाम दिया था।इसके अलावा आसपास के लोगो से भी पूछताछ हुई ।

*कोनी के अलावा हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट*

आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कोनी के अलावा हिर्री और चकरभाठा थाना क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। इसके बाद वे लोग बड़ी लुट की घटना को अंजाम देने वाले थे इसलिए हमेशा रेकी करते थे।

*पकड़े गए आरोपी लुट करने वाले आरोपियों के दोस्त थे*

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब कोनी थाना में अपराध कायम हुआ और जांच शुरू हुई जिसमें पता चला कि तिफरा मन्नाडोल के रहने वाले है और मोबाइल टावर लोकेशन के अलावा अन्य तरीके से भी जांच की गई।तब कही जाकर पुलिस कड़ी दर कड़ी खोजबीन शुरू की और तकनीकी सहायता के साथ जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की तब पता चला कि इनके एक दोस्त का चेहरा पेट्रोल पंप लुट में शामिल युवक से मिल रहा है।जिसमें कड़ाई से पूछताछ करने पर आखिरकार युवक टूटे और पूरी घटना बताई कि वे कोरबा अंतर्गत पाली  के रहने वाले है।जिनसे रत्नपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुलाकात हुई थी।उसके बाद से दोस्ती चली आ रही है।

*मिलकर करते थे काम,एक दूसरे को करते थे शेयर*

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए हत्या उर लूट के आरोपी आपसे दोस्त थे।जो घटना को अलग अलग अंजाम देते थे लेकिन दोनों ग्रुप को जानकारी दी थी।कौन किस घटना को अंजाम दिया है और कहा छिपे हुए है।अक्सर पाली वाले दोस्त बिलासपुर तिफरा आकर अपने दोस्तों से मिलकर बात करते थे और पार्टी करके वापस चले जाते थे।

*पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का रहा योगदान*

इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, ए.सी.सी.यू. प्रभारी अनुज कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार, थाना प्रभारी भावेश सेण्डे सहित सायबर सेल और थाना कोनी की पूरी टीम की अहम भूमिका रही। उत्कृष्ट कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

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