पंचायत सचिवों ने शासकीय करने की मांग को लेकर किया अनिश्चितकालीन हड़ताल

ब्लॉक स्तर पर पंचायत सचिव हड़ताल पर बैठे
प्रदेश स्तर पर आंदोलन हुआ शुरू,पंचायत का काम काज हुआ ठप्प
बिलासपुर। राज्य शासन द्वारा पंचायत सचिवों का शासकीयकरण नहीं किये जाने के विरोध में पंचायत सचिव संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठा गया है। पंचायत सचिव संघ के हड़ताल पर जाने से ग्रामीण क्षेत्र के विकास कार्यों में अवरोध उत्पन्न हो गया है।
पंचायत सचिव संघ ने अपने पत्र में लिखा कि छत्तीसगढ़ शासन मोदी गारंटी पूरा नहीं करने के कारण 17 मार्च को विधानसभा घेराव एवं 18 मार्च से जनपद मुख्यालय में अनिश्चितकालिन हडताल एवं अप्रैल को मंत्रालय घेराव किया जायेगा।
पंचायत सचिवों ने बताया कि संघ की मांगों को नजर अंदाज किए जाने एवं विधानसभा चुनाव वर्ष के दौरान मोदी की गारंटी में पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने का वादा किया गया था। साथ ही 1995 से कार्यरत पंचायत सचिवों की शासकीयकरण की गारंटी दी गई है।इसके बाद भी पंचायत सचिवों की मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है और न ही किसी तरह की कोई सुनवाई हो रही है।इससे नाराज होकर प्रदेश स्तर के पंचायत सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है।
जब तक सरकार संघ के मांगों को पूरा नहीं करती है तब तक हड़ताल अनिश्चितकालीन तक चलता रहेगा
मस्तूरी ब्लाक के अध्यक्ष और पंचायत सचिव सतीश टंडन ने बताया कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने का वादा किया था लेकिन अभी तक इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। संघ के द्वारा वे लोग मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। सचिवों का कहना है कि इस मांग को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन और हड़ताल हो चुकी हैं, मगर हर बार सरकार की तरफ से केवल आश्वासन मिला। समस्या जस की तस बनी हुई है।इसलिए जब तक सरकार उनकी संघ के मांगों को पूरा नहीं करते हैं तब तक यह हड़ताल अनिश्चितकालीन तक चलता ही रहेगा।
पंचायत सचिवों के हड़ताल पर जाने से क्या होगा नुकसान
बता दे कि पंचायत सचिवों के हड़ताल पर जाने से पंचायत में काम नहीं होगा,सरकार की कार्ययोजना बनाने से लेकर पंचायत की बैठक विकास कार्य और शासन की क्रियान्वयन पर रोक लग जायेगा।भले ही सरकार कोई वैकल्पिक व्यवस्ता कर ले।लेकिन जो काम पंचायत सचिव करते है वो कोई नहीं कर सकता।
प्रदेश भर में 10444 पंचायत सचिव हड़ताल पर
बता दे कि एक सूत्रीय मांगों को लेकर पंचायत सचिव हड़ताल पर चले गए है। प्रदेश भर में 10444 पंचायत सचिव है जिसमें अकेले बिलासपुर में 444 पंचायत सचिव है।इसके साथ ही प्रदेश में 11666 पंचायत है।और प्रदेश में 146 ब्लाक है जिसमें ब्लॉक स्तर पर हड़ताल और धरना चल रहा है ।
पंचायत सचिव बोले,हड़ताल में जाने की वजह खुद सरकार
पंचायत सचिव बोले कि हड़ताल में जाने की मुख्य वजह खुद सरकार है।जिनके कारण यह हड़ताल करना पड़ा है।जबकि सीएम और पंचायत मंत्री के खुद घोषणा किया था और वादा किया था कि शासकीयकरण करेंगे लेकिन अपने वादे को अब तक नहीं निभाए जिसके कारण हड़ताल करना पड़ा है ।