पंडाल सजा मंच बना पर कार्यक्रम के चंद घंटे पहले ही कार्यक्रम टला, केंद्रीय मंत्री तोखन का नाम नहीं होने से सियासी बवाल, दिल्ली के फोन के बाद स्थगित हुआ कार्यक्रम
बिलासपुर।नगर निगम के द्वारा करोड़ों के भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में आमंत्रण पत्र में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और दो स्थानीय विधायकों का नाम नहीं था। जिसके चलते सियासी बवाल मच गया। सारी तैयारी के बावजूद भी चंद घंटे पहले आयोजन रद्द करना पड़ा। जिसके चलते शहर में दिनभर भाजपा में गुटबाजी की चर्चा होती रही और और कांग्रेसी भी इसकी चुटकी लेते रहे।
बिलासपुर जिले में कुछ दिनों के अंतराल में फिर से हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला है। यहां करोड़ों के लोकार्पण और भूमि पूजन के लिए आयोजित कार्यक्रम चंद घंटों पहले ही निरस्त हो गया। कार्यक्रम के लिए लाखों खर्च कर नगर निगम ने पंडाल लगवा लिया था मंच सज चुका था, आमंत्रण पत्र भी बांटे जा चुके थे पर ऐन पहले कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। शहर में सरगर्मी रही कि केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, विधायक अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक का नाम नहीं होने से मचे सियासी बवाल के बीच दिल्ली से आए एक फोन के बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
नगर निगम के सकरी जोन क्रमांक एक में विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन होना था। इसमें करोड़ो रुपए के काम थे। इसके लिए नगर निगम ने तैयारियां की थी। बकायदा पंडाल लगाया गया था। भाजपा के नेता कार्यक्रम के लिए भीड़ भी जुटा रहे थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण साव थे वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक धर्मजीत सिंह कर रहें थे। अतिविशिष्ट अतिथियों में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला और महापौर पूजा विधानी थीं। कार्यक्रम के लिए आमंत्रण पत्र भी बंट चुके थे। यह कार्यक्रम नगर निगम के द्वारा आयोजित था और आयुक्त की तरफ से कार्ड छपवाए गए थे।
खास बात यह है कि इसमें केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू का नाम नहीं था। तोखन साहू स्थानीय सांसद होने के साथ-साथ जिस विभाग ( नगर निगम) द्वारा कार्यक्रम करवाया जा रहा था उस विभाग के ( शहरी आवासन एवं विकास विभाग) केंद्रीय मंत्री हैं बावजूद इसके ना तो उनका कार्ड में नाम था ना ही उन्हें निमंत्रण दिया गया था। इसके अलावा नगर विधायक अमर अग्रवाल और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक का भी नाम नहीं था ना ही उन्हें निमंत्रण दिया गया था। चर्चा है कि इससे भाजपा के नेता नाराज थे। इस बीच दिल्ली से एक बड़े स्तर पर फोन आया और एन कार्यक्रम से कुछ ही घंटे पहले कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। यह कार्यक्रम डिप्टी सीएम अरुण साव जी अध्यक्षता में होनी थी। चर्चा हैं कि बड़े भाजपा नेताओं के बीच खींचतान के चलते ऐसी स्थिति बनीं।
यह कार्यक्रम जिला प्रशासन एवं नगर निगम के द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था पर इसमें स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री तथा नगर विधायक और बिल्हा विधायक की उपेक्षा की गई थी। नगर निगम के द्वारा जारी आमंत्रण पत्र में जब इन तीनों का नाम नहीं दिख तो शहर में चर्चा शुरू हो गई। वही एक दिन पहले तक के तैयारी में जुटे प्रशासन को दूसरे दिन कार्यक्रम से चंद घंटों पहले कार्यक्रम स्थगित करना पड़ गया। हालांकि इस संबंध में प्रशासन के द्वारा कुछ नए कार्यों को जोड़कर फिर से कार्यक्रम करवाए जाने के संबंध में विज्ञप्ति जारी की है। शासन के अनुसार कुछ नए कामों की स्वीकृति मिली है जो नहीं जुड़े थे। जिन्हें जोड़कर दोबारा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
लाखों का हुआ खर्चा:–
नगर निगम के द्वारा भूमि पूजन और लोकार्पण और भूमि पूजन तथा अन्य विभागों के जन कल्याणकारी कार्यों का बचन बाई बाल सुंदरी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सकरी में कार्यक्रम रखा गया था। यहां मंच, पंडाल,साउंड,लाइटिंग,बैरिकेटिंग अतिथियों के लिए अलग-अलग प्रोटोकॉल सेक्शन, नगर निगम पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन सहित के विभागों की तैनाती के साथ छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी भी कर ली गई थी। पर पर शासन के लाखों रुपए और मेहनत पर आयोजन रद्द होने से पानी फिर गया।
सकरी में ये कार्यक्रम होना था:–
सकरी जोन क्रमांक-1 में 45 करोड़ 47 लाख 55 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन होना था। इनमें 224 बेडेड कामकाजी महिला छात्रावास भूमि- 1.50 एकड़ लागत 26 करोड़ 15 लाख रुपए भूमिपूजन कार्य वार्ड 1-4 में सीसी सड़क, नाली निर्माण रजबंधा तालाब सौंदर्याकरण 2.21 करोड़, जल आवर्धन योजना सकरी-घुरू- 5 करोड़, पुराना बाजार शेड व रामसदन 50 लाख की लागत से होना था। बचन बाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सकरी सामुदायिक भवन, स्कूल बाउंड्रीवॉल, लैण्ड स्कैपिंग, सार्वजनिक शौचालय, बोर खनन, कुत्ता नसबंदी केंद्र – 89.71 लाख के निर्माण कार्यों का लोकार्पण होना था।
कांग्रेसियों ने ली चुटकी:–:
कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी रहे और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष रहे प्रमोद नायक ने कहा कि नगर निगम बिलासपुर की हालत खराब है। मंत्रियों की आपसी लड़ाई में विकास योजनाएं धरी की धरी रह जा रही हैं। आज बिलासपुर की जनता ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि सकरी में भूमि पूजन और विकास के कार्यों का लोकार्पण उपमुख्यमंत्री और नगर निगम के मंत्री अरुण साव स्थानीय विधायक के साथ करने वाले थे, लेकिन वह कार्यक्रम अचानक निरस्त कर दिया गया। आज की घटना ने प्रमाणित कर दिया कि भाजपा के अंदर खाने में खुली लड़ाई चल रही है। कार्ड में नाम न छापने का असर युवा महोत्सव से लेकर सकरी तक के कार्यक्रमों में दिखाई दे रहा है।
वहीं कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में विपक्ष के विधायकों को तो नहीं बुलाया जाता
लेकिन जो सत्ता पक्ष के वरिष्ठ और अनुभवी लोग हैं, जिन्होंने बिलासपुर को संवारा हैं, उनकी भी उपेक्षा की गई, सांसद और केंद्रीय मंत्री को नहीं बुलाया, यह समझ से परे है, प्रोटोकॉल में त्रुटि है, उसमें सुधार किया जाना चाहिए। अटल श्रीवास्तव ने कहा कि उद्घाटन-भूमिपूजन में देरी हो रही है कब काम होगा और कब पूरा होगा, जनता को फायदा कब मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर गुटबाजी की बारूद बिछ चुकी है, बस माचिस की जरूरत है, जिस दिन माचिस मिलेगी उस दिन विस्फोट होगा।
वहीं सत्ता पक्ष के लोगों ने इस पर बचाव किया। महापौर पूजा विधानी ने कहा कि स्थानीय विधायक धर्मजीत सिंह के यहां पारिवारिक कारणों से कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। नगर निगम में आगे से जो भी कार्यक्रम होंगे उसमें प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव और विधायक सुशांत शुक्ला ने भी इसे किसी वरिष्ठ नेता की उपेक्षा से ना जोड़कर प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से वर्तमान में कार्यक्रम स्थगित कर कुछ और कामों को जोड़कर फिर से कार्यक्रम करने की बात कही है।
युवा महोत्सव में नगर विधायक की नाराजगी आई थी सामने:–
युवा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे थे। इस दौरान नगर विधायक अमर अग्रवाल की कुर्सी पीछे लगी थी जिससे उनकी नाराजगी सामने आई थी। उन्हें मनाने पहुंचे कलेक्टर के कहने के बाद भी उनकी नाराजगी दूर नहीं हुई। तब मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर विधायक को मनाया और सामने लाकर बिठाया।