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पक्षकार से दुर्व्यवहार पर तहसीलदार निलंबित, मीडिया में प्रकाशित खबर के आधार पर सरकार ने की कार्यवाही

तहसील न्यायालय में लंबित राजस्व प्रकरणों में उपस्थित पक्षकारों से दुर्व्यवहार पर तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया है। राजस्व मंत्री के गृह विधानसभा अंतर्गत आने वाले सुहेला तहसील के तहसीलदार द्वारा अपने न्यायालय में पेशी के लिए उपस्थित 67 वर्षीय बुजुर्ग किसान से दुर्व्यवहार किया गया। जिससे आहत होकर किसान ने जहर सेवन कर लिया और अपने पुत्र को भी जहर खिलाने का प्रयास किया। मामले की खबर मीडिया में प्रकाशित होने पर सरकार ने इसे संज्ञान में लेकर तहसीलदार को निलंबित कर दिया है।

Raipur रायपुर। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बलौदा बाजार भाटापारा जिले में सुहेला तहसीलदार के पद पर पदस्थ कुणाल सवैंया को पक्षकारों से दुर्व्यवहार पर निलंबित कर दिया गया है। तहसील न्यायालय में चल रहे प्रकरणों में उपस्थित पक्षकारों से दुर्व्यवहार की खबर मीडिया में प्रकाशित हुई थी। एक 67 वर्षीय बुजुर्ग किसान ने दुर्व्यवहार से परेशान होकर जहर भी खा लिया था। जिस पर संघान लेकर सरकार ने निलंबन की कार्यवाही की है। ज्ञात हो कि राजस्व मंत्री के विधानसभा अंतर्गत आने वाले तहसील में ही किसान ने राजस्व विभाग के नुमाइंदों के कार्यप्रणाली से तंग आकर जहर सेवन कर लिया था। जिससे प्रदेश भर में हड़कंप मच गया था। मामले के मीडिया में उछलने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है।

तहसील कार्यालय में भूमि विवाद के संबंध में चल रहे एक प्रकरण की पेशी में बुडगहन गांव निवासी 67 वर्षीय ग्रामीण हीरालाल साहू और उनके 35 वर्षीय पुत्र मालिकराम साहू उपस्थित हुए थे। जिस पर तहसीलदार ने अपने कोर्ट में ग्रामीण के साथ दुर्व्यवहार किया था। अपने भाई के साथ आबादी भूमि के बंटवारे तथा विधवा बहन के ससुराल वालों द्वारा उसके नाम की भूमि को अवैध ढंग से बेचने जैसे मामले तहसील न्यायालय में चल रहे थे। हीरालाल के पुत्र मालिकराम के अनुसार मेरे दादाजी के नाम से खसरा नंबर 1880 रकबा लगभग 52 डिसमिल भूमि में गांव के ही शिवकुमार पिता नारायण साहू ने कब्जा कर रखा था। दादाजी की मृत्यु ने बाद उनके वारिसनों ने तहसील कार्यालय में कब्जा दिलाने आवेदन दिया हुआ है। इस बीच विरोधी पक्ष के नारायण साहू ने मेरी मां और पिता से मारपीट कर दी थी। जिसकी भी जानकारी तहसील न्यायालय में की गई। लेकिन तहसीलदार बार-बार पेशी बढ़ा दे रहे हैं। पिछले पेशी में भी तहसीलदार ने दुर्व्यवहार किया और डांट कर भगा दिया था।

जहर खाने वाले किसान हीरालाल साहू के पुत्र मालिक राम के अनुसार 12 मार्च को भी मामले की पेशी थी। इस दौरान उसके पिता ने तहसीलदार कुणाल सवैंया से मामले के शीघ्र निराकरण के लिए निवेदन किया था। इस पर तहसीलदार ने मुझे,बहन मालती साहू और मेरे मित्र तुकेश पाल के सामने उंगली दिखाकर कहा कि तुम तो मेरी शिकायत मंत्री और मुख्यमंत्री के पास किए हो,लेकिन कोई कुछ नहीं कर पाएगा। तहसीलदार की धमकी और दुर्व्यवहार से परेशान होकर हीरालाल साहू ने कीटनाशक दवाई पी ली थी। उसने अपने बेटे मालिकराम के मुंह में भी कीटनाशक की शीशी डालने का प्रयास किया था।

हीरालाल को तत्काल स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य में भर्ती करवाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल बलौदा बाजार रेफर कर दिया गया। जहां उसका इलाज जारी है। वही राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने तहसीलदार के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण संहिता अधिनियम के उल्लंघन करने वाले कृत्य का पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में निलंबित तसीलदार कुणाल सवैंया का मुख्यालय जिला कार्यालय जगदलपुर नियत किया गया है।

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