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पचरीघाट में ही होगा अब प्रतिमाओं का विसर्जन, महापौर ने दिया आश्वासन

नगर निगम ने वापस लिया बड़ा फैसला, छठ घाट विसर्जन का विरोध रंग लाया

बिलासपुर । प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वर्षों से प्रतिमाओं का विसर्जन पथरीघाट में किया जाता रहा है, लेकिन हाल ही में नगर निगम ने 6 फीट से बड़ी मूर्तियों का विसर्जन तोरवा स्थित छठ घाट में करने का निर्देश जारी किया था। निगम के इस फैसले का शहरवासियों ने कड़ा विरोध किया और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।शहरवासियों का कहना था कि पचरीघाट पर ही परंपरागत रूप से विसर्जन होता आया है और इस परंपरा को तोड़ा नहीं जाना चाहिए। नागरिकों के आक्रोश और लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच नगर निगम की महापौर धरना स्थल पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से संवाद किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्ववत पथरीघाट में ही किया जाएगा।महापौर ने बताया कि विसर्जन के लिए विशेष कुंड का निर्माण कराया जाएगा ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो। साथ ही नगर निगम इस आयोजन के लिए पूरी तैयारियों के साथ मौजूद रहेगा। महापौर ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए हैं।शहरवासियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रदर्शन को समाप्त किया और महापौर का आभार जताया।

पुरानी संस्कृति को खत्म करने की साजिश का लगाया आरोप

पचरीघाट में धरना प्रदर्शन करने वाले मोहल्लेवासियों ने सीधे आरोप लगाकर कहा है कि पचरीघाट में पुरानी संस्कृति के तहत प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।जिसके लिए सिर्फ जिले से नहीं बल्कि प्रदेश भर से लोग पहुंचते है और दुर्गा माता की प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात तक देखते है।

वर्जन
पचरीघाट में होने वाले मूर्तियों के विसर्जन को लेकर बातचीत की गई है।कोशिश की जाएगी को प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाए।

पूजा विधानी
महापौर नगर निगम बिलासपुर

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