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पदोन्नति परीक्षा गड़बड़ी पर एसीबी और ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई…..बिलासपुर में आरआई अभिषेक सिंह के घर दबिश, दस्तावेजों की जांच तेज

बिलासपुर । एसीबी ईओडब्लू की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरआई अभिषेक सिंह के वाजपेई कैसल स्थित निवास पर दबिश दी, जहां टीम ने अभिषेक सिंह तथा उनके परिजनों से पूछताछ की और घर में मौजूद विभिन्न दस्तावेजों की गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार सूरजपुर में पदस्थ आरआई अभिषेक सिंह का नाम पटवारी से आरआई पदोन्नति परीक्षा में हुई गड़बड़ी के मामले में सामने आया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। टीम परिसर में मौजूद सभी रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है और परीक्षा अनियमितता से जुड़े अहम सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है।सूत्रों ने बताया कि आरआई
अभिषेक सिंह, जो सूरजपुर में आरआई पद पर पदस्थ हैं, हाल ही में पटवारी से आरआई बने हैं और उनकी पदोन्नति को लेकर जांच एजेंसी पहले से ही संदेह के दायरे में रखे हुए थी। टीम ने घर के अंदर दस्तावेज़, फाइलें, कंप्यूटर सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की, साथ ही परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ भी की।कई घंटों से चल रही इस कार्रवाई के दौरान अब तक जांच टीम ने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है कि तलाशी में क्या बरामद हुआ है। सूत्रों के अनुसार टीम का फोकस डिजिटल रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, पदोन्नति से जुड़े दस्तावेज और आय–व्यय संतुलन की जांच पर केंद्रित है।

परीक्षा से पहले पटवारियों को एक जगह बिठाकर उनसे प्रश्नपत्र साल्व कराया

राजस्व विभाग ने परीक्षा से पहले पटवारियों को एक जगह बिठाकर उनसे प्रश्नपत्र साल्व कराया गया।आरोप है कि राजस्व विभाग के अफसरों ने 10-10 लाख लेकर पटवारियों को रेवेन्यू इंस्पेक्टर बना दिया। सबसे गंभीर अरोप यह है कि परीक्षा से पहले पेपर लीक किया गया और जिन लोगों से पैसा लिया गया था, उन्हें एक जगह बिठाकर पेपर हल कराया गया।
कमिश्नर लैंड रिकार्ड आफिस ने इस परीक्षा को आरगेनाइज किया था। अफसरों ने परीक्षार्थियों से उत्तरपुस्तिका में मोबाइल नंबर लिखवा लिया। मोबाइल नंबर लिखवाने का उद्देश्य यह था कि परीक्षा बाद पटवारियों से संपर्क कर पास करने के लिए डील की जा सके। देश में ऐसा कोई भी परीक्षा नहीं होती, जिसमें आंसर शीट पर मोबाइल नंबर लिखा जाता हो। अगर परीक्षार्थी की पहचान उजागर हो गई तो फिर परीक्षा की गोपनीयता का मतलब क्या रहा। आरआई चयन परीक्षा में पटवारियों से पैसे लेकर पास करके रेवेन्यू इंस्पेक्टर बनाने की उच्च स्तर तक शिकायतें हुई। विष्णुदेव सरकार ने इस घोटाले की जांच का आदेश दिया। सचिव स्तर के आईएएस केडी कुंजाम की अध्यक्षता में सरकार ने जांच कमिटी बनाई।

ओएमआर शीट में मोबाइल नंबर, गोपनीयता पर सवाल

कमिश्नर लैंड रिकॉर्ड ऑफिस द्वारा आयोजित इस परीक्षा में ओएमआर शीट पर परीक्षार्थियों से मोबाइल नंबर लिखवाए गए, जो परीक्षा की गोपनीयता के खिलाफ है। जांच में यह भी पाया गया कि कुछ परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में बाद में संशोधन किए गए और नाम बदलकर नए उम्मीदवारों को चयन सूची में शामिल किया गया।

जांच कमेटी ने मानी गड़बड़ी, फिर से परीक्षा की सिफारिश

सरकार द्वारा नियुक्त आईएएस केडी कुंजाम की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर खामियों की पुष्टि की। रिपोर्ट में कहा गया कि परीक्षा से पहले कई चयनित उम्मीदवारों को एक ही स्थान पर एकत्र कर प्रश्नपत्र हल कराए गए। कमेटी ने पूरी परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने की सिफारिश की।

परिवारजनों को एक साथ पास किया गया

जांच में यह भी सामने आया कि एक ही परिवार के सदस्यों को एक साथ चयन सूची में शामिल किया गया। पति-पत्नी, सगे भाई, साली और रिश्तेदारों को एक ही परीक्षा केंद्र पर पास करवाया गया। यहां तक कि एक आईएएस अधिकारी का भतीजा, जिसने पाँच साल की सेवा भी पूरी नहीं की थी, उसे भी आरआई बना दिया गया।

पाठ्यक्रम में बदलाव और पेपर आउट ऑफ कोर्स

कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व निरीक्षक परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम दो बार जारी किया गया था, लेकिन प्रश्नपत्र में ‘भुइयां सॉफ्टवेयर’ से जुड़े सात प्रश्न पूछे गए, जबकि यह सिलेबस में शामिल ही नहीं था। इससे यह स्पष्ट होता है कि पेपर जानबूझकर भ्रमित करने वाला बनाया गया था ताकि सिर्फ तय उम्मीदवार ही पास हो सकें।

ACB-EOW छापा

पटवारी से आरआई पदोन्नति घोटाले की जांच तेज, ACB–EOW का तीन संभागों में छापा

वाजपेयी कैसल समेत दो दर्जन

एंकर :- ठिकानों पर दबिश, डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले
बिलासपुर। पटवारी से आरआई पदोन्नति प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच अब निर्णायक दौर में पहुँच रही है। बुधवार तड़के ACB–EOW की संयुक्त टीम ने रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में एक साथ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। इस दौरान दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर दबिश दी गई, जिसमें बिलासपुर का चर्चित वाजपेयी कैसल परिसर भी शामिल रहा।

बुधवार सुबह करीब 5 बजे टीम ने वाजपेयी कैसल स्थित आरआई अभिषेक सिंह ठाकुर के निवास को घेरकर तलाशी शुरू की।

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