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पिकनिक मनाने वालों के लिए बना जान का खतरा

पटैता जाने वाले मार्ग का पुल पूरी तरह से हुआ जर्जर

बिलासपुर।कोटा स्थित कोरी डैम में इन दिनों पिकनिक मनाने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। लेकिन इसी बीच एक बड़ा खतरा लोगों की जान पर बन आया है। कोटा से पटैता जाने वाले मार्ग का पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है, मोटरसाइकिल तो किसी तरह निकल रहे हैं, लेकिन चारपहिया वाहन के फंसने या पलटने का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक दोनों परेशान हैं,

दरअसल कोटा के कोरी डैम में पिकनिक सीज़न शुरू होते ही पर्यटकों की संख्या रोज़ाना बढ़ रही है। ठंड का मौसम… झरने और डैम का खूबसूरत नज़ारा… और ऐसे में लोग परिवार के साथ घूमने पहुंच रहे हैं। मगर यहां एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी वक्त बड़ा हादसा बन सकती है। कोटा से पटैता को जोड़ने वाला पुराना पुल पूरी तरह जर्जर हो चुका है। पुल मार्ग टूट गया हैं, इससे जगह-जगह बड़े गैप बन गए हैं, और नीचे की पटरियाँ खुल चुकी हैं। चारपहिया वाहन से पुल को पार नहीं किया जा सकता… और बाइक सवार भी जान जोखिम में डालकर किसी तरह से आना जाना करते हैं। पर्यटकों का कहना है कि यह रास्ता छोटा होने की वजह से लोग इसी मार्ग से कोरी डैम पहुंचना पसंद करते हैं। लेकिन पुल की हालत इतनी खराब है कि किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सिंचाई विभाग इस पुल के मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। यहां आए दिन दुर्घटनाएँ होती हैं। पुल इतना खतरनाक हो चुका है कि पैदल चलने वाले भी डरते हैं। अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यहाँ के निवासी बताते हैं पुल की स्थिति बहुत खराब है। आने–जाने में बहुत परेशानी होती है। … परिवार को साथ लेकर पर्यटक डैम घूमने आते है, लेकिन उनकी जान पर बनी रहती है। प्रशासन को तुरंत ध्यान देना चाहिए और जल्द से जल्द पुल को दुरुस्त किया जाना चाहिए।ग्रामीणों ने बताया कि कोरी डैम को देखने हर दिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं। लेकिन पुल जर्जर होने से पिकनिक स्पॉट तक पहुंचना खतरनाक हो चुका है। लोग मजबूरी में इस हादसाग्रस्त पुल को पार कर रहे हैं।
कोटा का जर्जर पुल सिर्फ पर्यटकों के लिए ही नहीं… बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी बड़ी परेशानी का कारण है। सवाल यह है—पिकनिक सीज़न में बढ़ती भीड़ के बीच कब जागेगा सिंचाई विभाग? क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किया जा रहा है?हम इस मुद्दे पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतज़ार कर रहे हैं।

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