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पुरानी कम्पोजिट भवन में पानी का संकट गहराया, प्रशासन से समाधान की मांग…लिपिक संघ ने सौंपा ज्ञापन

चार महीने से पेयजल संकट,समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन

कंपोजिट बिल्डिंग में पानी की समस्या

बिलासपुर । पुरानी कम्पोजिट भवन में पानी की समस्या विकराल होती जा रही है, जिससे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय और रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारी चार महीने से अधिक समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने पहले भी प्रशासन को अवगत कराया था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। संघ के प्रदेश महामंत्री सुनील यादव ने कलेक्टर को पत्र लिखकर जल्द से जल्द इस समस्या के निराकरण की मांग की है। पत्र में बताया गया कि कम्पोजिट बिल्डिंग प्रबंधन समिति को इस संबंध में सूचना दी गई थी, लेकिन उन्होंने समाधान के बजाय शिक्षा विभाग और जिला पंजीयक कार्यालय पर 3.92 लाख रुपये की बकाया राशि का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। बढ़ती गर्मी में कर्मचारियों को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे उनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है।.
लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सुनील यादव ने कहा कि 4 महीने से इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या से कंपोजिट बिल्डिंग के कर्मचारी परेशान है इसके पहले भी कलेक्टर अवनीश शरण को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था और कंपोजिट बिल्डिंग के प्रबंधक समिति के सी एल जायसवाल को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था इसके बावजूद भी पानी की समस्या का हल नहीं किया गया, शिक्षा विभाग के साथ साथ रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में भी पानी की गंभीर समस्या बनी हुई जहां सैकड़ों,हजारों लोग रोज आना जाना करते है उन्हें भी पानी की जरूरत होती है इस सभी को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी संघ ने कलेक्टर अवनीश शरण को ज्ञापन सौंपा ।

लिपिक संघ बोले,जरूरत हुई तो एक दिन का काम बंद करके हड़ताल भी करेंगे

एकजुट होकर रैली निकाली और उसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन देकर कंपोजिट भवन में पानी की समस्या को खत्म करने की मांग को लेकर लिपिक संघ ने यह तक कहा है कि जरूरत हुई तो एक दिन काम बंद करके हड़ताल भी किया जायेगा। लिपिक संघ ने यह भी कहा कि बिना पानी के कुछ नहीं होगा टॉयलेट में पानी लगता है पीने के लिए पानी की जरूरत होती है। भीषण गर्मी को देखते हुए पानी की जरूरत और ज्यादा पड़ेगी।इसलिए पहले से मांग की जा रही है ताकि पानी की समस्याओं का निराकरण हो जाए।

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