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कॉलेज में फिंगरप्रिंट क्लोन बनाकर अनुपस्थित विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक मशीन में उपस्थिति दर्ज करने के मामले में सहायक संचालक व लेखापाल बर्खास्त

कॉलेज में विद्यार्थियों के फिंगरप्रिंट क्लोन बनाकर अनुपस्थित छात्र-छात्राओं का बायोमेट्रिक मशीन में उपस्थिति दर्ज करने के मामले में जांच करवाने के बाद कलेक्टर ने सहायक संचालक और लेखाधिकारी को निलंबित कर दिया है।

जांजगीर। लाईवलीहुड कॉलेज में फिंगरप्रिंट क्लोन बनाकर बायोमेट्रिक मशीन के द्वारा अनुपस्थित छात्र-छात्राओं की भी उपस्थिति दर्ज करने के मामले में सहायक संचालक और लेखापाल को बर्खास्त कर दिया गया है। इस मामले में शिकायत मिलने पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जांच करवाई थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर कलेक्टर के द्वारा बर्खास्तगी की कार्यवाही की गई है।

जांजगीर-चांपा जिले में स्थित लाईवलीहुड कॉलेज में फिंगरप्रिंट क्लोन बनाकर अनुपस्थित छात्र-छात्राओं के भी बायोमेट्रिक मशीन में उपस्थिति दर्ज कर दी जाती थी। इस खेल में कॉलेज के सहायक संचालक और लेखापाल भी शामिल थे। चर्चा है कि इसके लिए छात्र-छात्राओं से मोटी रकम वसूली जाती थी। इस मामले में वीडियो फुटेज के साथ मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत हुई थी। लाईवलीहुड कॉलेज के खिलाफ मिली शिकायत को गंभीरता से लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसकी जांच करवाने के निर्देश जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे को दिए थे।

कलेक्टर महोबे के निर्देश के बाद जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर इसकी जांच करवाई। कमेटी के द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में संविदा में कार्यरत सहायक परियोजना अधिकारी मयंक शुक्ला और लेखापाल ऋचा अग्रवाल की मिली भगत से फर्जी उपस्थिति दर्ज करने, झूठी रिपोर्ट बनाने और फर्जी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जारी करने की पुष्टि हुई। जिस पर दोनों को कलेक्टर ने नोटिस जारी कर इनका पक्ष मांगा। दोनों का जवाब समाधान कारक नहीं पाए गए एवं आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सहायक संचालक एवं प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी मयंक शुक्ला और लेखापाल ऋचा अग्रवाल ( दोनों संविदा कर्मी) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 2012 के विरुद्ध कृत्य करने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

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