प्रवीण तोगड़िया बोले,हर गांव में हनुमान चालीसा, हर घर में ओम श्री परिवार
राम मंदिर आमंत्रण विवाद पर कहा,नाराज नहीं, मंदिर बनना ही सबसे बड़ी खुशी
बिलासपुर।मध्यप्रदेश के शहडोल से शुरू हुआ प्रवीण तोगड़िया का चार दिन का छत्तीसगढ़ दौरा अब तेज़ रफ़्तार पकड़ चुका है। बिलासपुर से लेकर रायपुर, दुर्ग और भिलाई तक तोगड़िया अपने अभियान हर गांव में हनुमान चालीसा और हर घर में ओम श्री परिवार को विस्तार देने में जुटे हैं। बिलासपुर में उन्होंने मीडिया से बात की और कई मुद्दों पर बड़ा बयान दिया।
वीओ: बिलासपुर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में तोगड़िया ने अपने अभियान और इसकी संरचना की जानकारी साझा की। उनका दावा है कि देशभर में 1 लाख जगहों पर साप्ताहिक हनुमान चालीसा और 3 करोड़ घरों में ओम श्री परिवार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महज़ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदू वेलनेस सेंटर होंगे, जहां रोग-मुक्ति, तनाव-मुक्ति, सेवा और सुरक्षा जैसे कार्यक्रम चलेंगे।
राम मंदिर शिलान्यास और आमंत्रण विवाद पर तोगड़िया ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा राम मंदिर बन गया, यही सबसे बड़ी खुशी है।” तोगड़िया ने यह भी कहा कि भले इस बार उन्हें बुलावा नहीं मिला, लेकिन यह मंदिर उनके 40 साल के संघर्ष का परिणाम है। गुमनामी के प्रश्न पर उन्होंने कहा अगर मैं गुमनाम होता तो पत्रकार क्यों आते। मैं आज भी लाखों गांवों में काम कर रहा हूं। धर्मांतरण और लव जिहाद पर तोगड़िया ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा जहां भक्ति, सेवा और सुरक्षा मिलेगी, वहां धर्मांतरण की जरूरत नहीं बचेगी। उन्होंने यह भी कहा कि गांव-गांव में चिकित्सा, भोजन और धार्मिक सेवा उपलब्ध कराई जाएगी ताकि धर्मांतरण स्वतः रुक सके।दिल्ली ब्लास्ट मामले में डॉक्टरों के नाम सामने आने पर उन्होंने कहा जिहाद पेशे से नहीं, विचार से जुड़ा होता है।वहीं जम्मू-कश्मीर में हिंदुओं को अल्पसंख्यक दर्जा देने की मांग पर तोगड़िया ने कहा कि यह स्थानीय मुद्दा हो सकता है, लेकिन उनका लक्ष्य पूरे भारत में हिंदू पहचान और वर्चस्व को मजबूत करना है।
तोगड़िया के इस दौरे को उनके पुनः सक्रिय राजनीतिक और वैचारिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में उनकी सभाओं और कार्यक्रमों ने उनके संगठनात्मक विस्तार को एक नई दिशा देने का संकेत दिया है।