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गेहूं उत्पादन तकनीक पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण संपन्न

बिलासपुर। ग्राम चिखलरौंदा, विकासखंड जैजैपुर, जिला सक्ति में गेहूं उत्पादन तकनीक विषय पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान परियोजना, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के 55 कृषकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मनहरण लाल बर्मन, सरपंच ग्राम चिखलरौंदा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. दिनेश पांडेय, प्रमुख अन्वेषक एवं वैज्ञानिक (सस्य विज्ञान) द्वारा की गई।

डॉ. पांडेय ने क्षेत्र में प्रदर्शित गेहूं की उन्नत किस्मों DBW-377, मावंती (CG-40) एवं कनिष्का (CG-1029) के प्रमुख गुणों, उत्पादन क्षमता तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उनकी अनुकूलता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कृषकों को समय पर बुवाई के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि देर से बुवाई करने पर उपज में उल्लेखनीय कमी आती है, जिससे उत्पादन एवं आय दोनों प्रभावित होती हैं।

परियोजना में कार्यरत सुश्री माधुरी ग्रेस मिन्ज ने विभिन्न कृषि परिस्थितियों में गेहूं की बुवाई हेतु उपयुक्त किस्मों के चयन पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।

वहीं डॉ. अंजुम अहमद, तकनीकी सहायक (सस्य विज्ञान) ने गेहूं फसल में सिंचाई प्रबंधन एवं खरपतवार नियंत्रण (वीड मैनेजमेंट) से संबंधित वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक जानकारी साझा की, जिससे कृषकों को लागत कम कर अधिक उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिल सके।

कार्यक्रम का संचालन एन. आर. कोसले, सहायक विकास अधिकारी (ADO), कृषि विभाग द्वारा किया गया। अंत में कृषकों की जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

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