मिशन हॉस्पिटल परिसर में फिर मचा बवाल, स्टे का हवाला देकर मिशनरी समाज ने जताया विरोध….

बिलासपुर में मिशन हॉस्पिटल तोड़फोड़ विवाद गहराया, हंगामा-नारेबाजी से सड़कों पर जाम…
बिलासपुर। मिशन हॉस्पिटल परिसर में चल रही तोड़फोड़ कार्रवाई के दूसरे दिन बुधवार को फिर हंगामा और बवाल मच गया। मंगलवार को देर रात तक चली कार्रवाई के बाद बुधवार सुबह भी निगम अमले ने मिशन हॉस्पिटल परिसर में बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही जारी रखी। इसी दौरान मिशनरी समाज के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट से स्टे का हवाला देते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया….
आपको बता दे कि सुबह से ही परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। जैसे ही निगम की टीम हॉस्पिटल के पीछे की इमारत की ओर बढ़ी, कुछ युवक-युवतियां दीवार फांदकर अंदर घुस गए और जोरदार विरोध जताने लगे। उन्होंने निगम कर्मियों पर स्टे ऑर्डर की अवहेलना कर जबरन तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि इस दौरान वीडियो बनाते हुए कुछ लोगों ने अधिकारियों से गाली-गलौज भी की।
स्थिति तनावपूर्ण होते देख सीएसपी निमितेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थोड़ी देर बाद नगर निगम आयुक्त, एसडीएम और तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर निकालने के लिए समझाइश दी, जिसके बाद उन्हें खदेड़कर बाहर किया गया।विरोध बढ़ता देख मिशन हॉस्पिटल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। नारेबाजी और हंगामे के चलते कुछ समय के लिए सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है….
गौरतलब है कि मंगलवार को निगम ने मिशन हॉस्पिटल परिसर में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान मुख्य बंगले सहित करीब 30 परिवारों को बेदखल कर उनके आवासीय भवनों को ढहा दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है और न्यायालय के आदेश के तहत कार्रवाई की जा रही है।वहीं, मिशनरी समाज के लोगों का दावा है कि मामला उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, फिर भी प्रशासन ने स्टे आदेश का उल्लंघन कर तोड़फोड़ की है। घटनास्थल पर अब भी भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है….और मिशनरी पक्ष के लोग दो घंटे का समय मांग रहे थे कि इस तोड़ फोड़ की कार्रवाई को रोक दे मिशनरी पक्षी के अरशद ने कहा कि 2 घंटे का समय चाहिए ताकि वे स्टे ऑर्डर की कॉपी निगम के सामने पेश कर सके और यदि वह नहीं कर पाते है तो जो कार्रवाई करना है निगम के अधिकारी कर सकते हैं….
वहीं, इस मामले में जब बिलासपुर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार से स्टे ऑर्डर के बावजूद तोड़फोड़ पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार का स्टे आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उनकी जानकारी के अनुसार, मिशनरी पक्ष की अपील न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई है, इसलिए कार्रवाई वैधानिक रूप से जारी है। आयुक्त ने कहा कि यदि संबंधित पक्ष उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का वैध स्टे आदेश प्रस्तुत कर देता है, तो कार्रवाई तुरंत रोक दी जाएगी उन्होंने यह बयान मीडिया के समक्ष देते हुए स्थिति को स्पष्ट किया…..