प्रथम पूर्व छात्र मिलन समारोह आयोजित

बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की पहल
बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में दिनांक 13 अप्रैल 2025 को प्रथम पूर्व छात्र मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सत्र 2005 से 2024 तक के 20 बैच के स्नातक एवं 2017 से 2024 तक के 8 बैच के स्नातकोत्तर उपाधिधारी पूर्व छात्रों के सम्मान एवं संवाद हेतु आयोजित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व अधिष्ठाता डॉ. ए.के. साहू थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सी.आर. गुप्ता, डॉ. एस.आर. पटेल, डॉ. विनोद कुमार वर्मा, डॉ. देवेश पांडे, डॉ. एस.एल. स्वामी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, लोरमी-मुंगेली एवं योगेश दुबे, अध्यक्ष, बीटीसीकार्स एल्युमिनाई एसोसिएशन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. एन.के. चौरे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर ने की।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. राजेश कुमार साहू ने स्वागत उद्बोधन में इस ऐतिहासिक आयोजन की गरिमा पर प्रकाश डालते हुए पूर्व छात्रों से पुनः जुड़ाव को गौरवपूर्ण क्षण बताया।

मुख्य अतिथि डॉ. ए.के. साहू ने अपने प्रेरणास्पद उद्बोधन में कहा कि यह समारोह न केवल पुनर्मिलन है, बल्कि यह बीते पलों की स्मृतियों, संबंधों और संकल्पों का उत्सव है। डॉ. सी.आर. गुप्ता ने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों को संस्थान की पूँजी बताया, वहीं डॉ. एस.आर. पटेल ने विद्यार्थियों की प्रगति में पूर्व छात्रों की प्रेरणा को महत्वपूर्ण बताया।
पूर्व प्राध्यापक डॉ. देवेश पांडे ने पूर्व छात्रों के योगदान को भावी पीढ़ी के लिए पथप्रदर्शक बताया। डॉ. विनोद कुमार वर्मा ने भावुक पंक्तियों के माध्यम से संबंधों के महत्व को रेखांकित किया—
“रिश्ते किताबों की तरह होते हैं,
समय निकालिए उन्हें पढ़ने के लिए।
वरना धूल जमती जाती है,
और फिर एक दिन वे इतिहास बन जाते हैं।”
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. एन.के. चौरे ने महाविद्यालय की स्थापना, विकास यात्रा और वर्तमान उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2001 में 40 विद्यार्थियों से शुरू हुआ यह संस्थान आज 1227 से अधिक कृषि स्नातक तैयार कर चुका है। छह विषयों में स्नातकोत्तर शिक्षा के साथ यह महाविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है।
पूर्व छात्र आज कृषि, अनुसंधान, प्रशासन, शिक्षण, निजी क्षेत्र एवं स्टार्टअप्स के माध्यम से देश-विदेश में संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। डॉ. चौरे ने पूर्व छात्रों को संस्थान के “ब्रांड एंबेसडर” बताते हुए इस मिलन को एक परंपरा बनाने का आह्वान किया।
योगेश दुबे, अध्यक्ष, एल्युमिनाई एसोसिएशन ने कहा कि यह मंच महाविद्यालय और पूर्व छात्रों के मध्य सेतु निर्माण का कार्य करेगा तथा विकास में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करेगा।
समारोह में स्मृति चिन्ह भेंट कर पूर्व छात्रों का सम्मान किया गया। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें मानसी चंद्राकर, पी. दीपिका, राजेश्वरी कुर्रे एवं नारद भारद्वाज ने मंच संचालन किया।
आयोजन को सफल बनाने में सुनीत साहू, अजय अनंत, जगदीश यादव, प्रेमलता यादव, शशांक शिंदे, दिनेश गांधी, नारद भारद्वाज, कुलदीप पटेल, राजेश बंजारे, पंचराम मिर्ज़ा, मधुप चंदन, गुलाब सिंह राजपूत, तरुण साहू समेत समस्त प्राध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों का योगदान सराहनीय रहा।
कार्यक्रम में एग्रीमलाय इंडिया, बिलासपुर मशरूम, कृषि युग, एसआर थीसिस राइटिंग, फसल बाजार, साईं कृषि कोचिंग, साईं पैथोलैब, हरिहर गवई एवं बीपीसी क्रॉप साइंस द्वारा वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया।
अंत में, एल्युमिनाई एसोसिएशन के सचिव रूपसिंह मैत्री ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल स्मृतियों को पुनर्जीवित करने का अवसर रहा, बल्कि यह संस्थान और पूर्व छात्रों के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में विकसित हुआ है। हम सब मिलकर इसे एक सशक्त परंपरा बनाएं और अपने संस्थान को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प लें।