बजट 2026–27 आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला : अमर अग्रवाल

बिलासपुर। पूर्व मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने केंद्रीय बजट 2026–27 को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला बजट बताते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के विकास में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बजट के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया है कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का ठोस और दूरदर्शी संकल्प है।
अमर अग्रवाल ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश की आर्थिक यात्रा वित्तीय अनुशासन, नियंत्रित महंगाई और औसतन 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर के साथ आगे बढ़ी है। आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और यह बजट इस बात पर केंद्रित है कि देश को इससे भी आगे कैसे ले जाया जाए तथा विकसित भारत का निर्माण कैसे किया जाए।
विधायक अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐसा बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें रोजगार सृजन, आर्थिक असमानता को कम करने और समावेशी विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक प्रगति का मूल आधार उत्पादन में वृद्धि और विदेशी निवेश को आकर्षित करना है, और इस बजट में इन दोनों पर स्पष्ट फोकस दिखाई देता है।
उन्होंने बताया कि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नए औद्योगिक कॉरिडोर, मध्यम वर्गीय शहरों में इकोनॉमिक ज़ोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आईटी पार्क जैसे आधुनिक क्षेत्रों को बढ़ावा दिया गया है। साथ ही भारत को वैश्विक हेल्थ हब बनाने की दिशा में भी ठोस प्रयास इस बजट में दिखाई देते हैं।
अमर अग्रवाल ने आगे कहा कि यह बजट विविधताओं से भरे देश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समावेशी बजट है। नॉर्थ ईस्ट जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाएँ, 400 नई बसों की व्यवस्था और बौद्ध स्थलों के विकास जैसे प्रावधान क्षेत्रीय संतुलन को दर्शाते हैं। वहीं एविएशन सेक्टर, एयरपोर्ट, रिफ्यूलिंग सुविधाओं और कस्टम ड्यूटी में दी गई रियायतों से उत्पादन बढ़ेगा और लागत कम होगी।
उन्होंने बताया कि कमोडिटी बाज़ार में अनावश्यक आर्टिफिशियल तेजी को नियंत्रित करने के लिए टैक्स दरों में संशोधन किया गया है, जिससे आर्थिक संतुलन बना रहेगा। यह बजट विभिन्न राज्यों की चुनौतियों को समाहित करते हुए उत्पादन बढ़ाने, रोजगार देने और आर्थिक असमानता को कम करने वाला बजट है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना के तहत लखपति दीदी योजना को और मजबूती दी गई है, जिससे महिलाओं को व्यवसाय और आय के नए अवसर मिलेंगे। मध्यम शहरों जिनमें बिलासपुर भी शामिल है, में पर्यटन स्थलों और इकोनॉमिक ज़ोन के विकास से इन शहरों को नई पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ को माइनिंग कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रावधान राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेहतर रोड-रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से अब तक जो लाभ नहीं मिल पा रहा था, वह संभव होगा। इससे बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और राज्य में औद्योगिक विकास व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अमर अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ आयुर्वेद और योग का प्रमुख केंद्र है, जिसे कोरोना काल में पूरी दुनिया ने स्वीकार किया। योग-आयुर्वेद से जुड़े तीन एम्स की घोषणा राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। कुल मिलाकर यह बजट आर्थिक समृद्धि, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आर्थिक असमानता को दूर करने वाला बजट है। जिन नीतियों और बजटीय प्रावधानों के परिणामस्वरूप भारत 11वें स्थान से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, यह बजट उसी यात्रा को आगे बढ़ाने वाला है। यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।