बालको प्रबंधन द्वारा कूलिंग टावर और कोल यार्ड से प्रभावित….208 परिवारों को पुनर्वास से हुए वंचित….हाई कोर्ट ने बालको प्रबंधन के साथ सरकार और पर्यावरण विभाग को जारी किया नोटिस
बिलासपुर। बालको प्रबंधन द्वारा कूलिंग टावर और कोल यार्ड से प्रभावित 208 परिवारों को पुनर्वास से वंचित रखे जाने के मामले में हाई कोर्ट ने बालको प्रबंधन के साथ राज्य शासन और पर्यावरण विभाग को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता को प्रत्युत्तर के लिए दो सप्ताह का समय देकर जवाब आने पर सुनवाई की अगली तारीख तय की जाएगी।
कोरबा जिले के शांतिनगर व रिंग रोड बस्ती के करीब 208 परिवार बालको के कूलिंग टावर के साथ विद्युत संयंत्र के कोल यार्ड के गंभीर प्रदूषण से प्रभावित हैं। इसकी वजह से क्षेत्र के निवासियों में अनेक स्वास्थ्यगत बीमारी हो रही है। लोगो में चर्म रोग,श्वास रोग,ह्दय रोग,आँखों मे जलन आदि समस्या होने के कारण शांतिनगर पुनर्वास समिति तथा तितिक्षा सामाजिक संगठन के डिलेन्द्र यादव,आर, नारायण, निखिल मित्तल ने हाईकोर्ट मे याचिका दायर की थी। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कहा कि कोयला यार्ड के निर्माण के कारण याचिकाकर्ता प्रभावित पक्ष है, इसलिए राज्य की नीति के अनुसार उन्हें मुआवजा तथा पुनर्वास दिया जाना आवश्यक है। प्रतिवादियों के अधिवक्ता ने रिटर्न दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद याचिकाकर्ता को प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया। कोर्ट ने प्रतिवादियों का जवाब आने के बाद ही अगली सुनवाई तय की है, जो समर वेकेशन के बाद ही होगी।