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बिरकोना में बिना नोटिस तोड़े गए घर, नगर निगम की कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश

25 वर्षों से रह रहे परिवारों को उजाड़ने पर कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रभावित, लगाई न्याय की गुहार

बिलासपुर । नगर निगम के वार्ड क्रमांक 64 बिरकोना में प्रशासन की तोड़फोड़ कार्रवाई को लेकर स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश है। रहवासियों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के नगर निगम जोन 8 की टीम ने उनके घरों को तोड़ने की कोशिश की, जिसमें एक घर को तो पूरी तरह से तोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी बात अधिकारियों के समक्ष रखी।
जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि वे पिछले 25-30 वर्षों से वहीं रह रहे हैं और उनके पास न तो कोई दूसरी जमीन है, न ही घर बनाने के लिए पैसे,ऐसे में कहां जाए और क्या करे।
आज वे लोग बेघर हो चुके है।खुले आसमान के नीचे रहकर जीवन जीना पड़ रहा है।जबकि जिला प्रशासन को मकान की व्यवस्था करनी चाहिए और गरीबों को मकान देना चाहिए उसके बाद मकान को तोड़ना।चाहिए।लेकिन प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करके कई लोगो को बेघर कर दिया है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 6 अप्रैल को नगर निगम की टीम बिना कोई नोटिस दिए पहुंची और तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। लोगों के विरोध पर यह कार्रवाई रोकी गई और उन्हें सिर्फ तीन दिन का समय दिया गया है, जिससे वे काफी परेशान हैं। भीषण गर्मी में छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ घर खाली करना उनके लिए संभव नहीं है।

ग्रामीण बोले,प्रशासन पूरी तरह से उजाड़ने में लगा हुआ है

ग्रामीण नीरज सोनी ने कहा कि बिरकोना की ज़मीन पहले भी कई सरकारी परियोजनाओं के लिए दी गई है, और अब प्रशासन उन्हें पूरी तरह उजाड़ने पर तुला है। प्रशासन को सोचना चाहिए कि गरीबों के मकान को तोड़ दिया जाएगा तो गरीब परिवार कहां जाएंगे।

जन्मभूमि से प्रशासन भागा रहा है और बेघर करके वाहवाही लूट रहे

न्याय की गुहार लेकर जिले के मुखिया के पास पहुंचे पूर्णिमा मरावी और हजारी लाल सूर्यवंशी जैसे ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वे इस जगह को अपनी जन्मभूमि मानते हैं और 25-30 वर्षों से वहीं रह रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन का यह रवैया अन्यायपूर्ण है और वे कहीं और जाकर बसने की स्थिति में नहीं हैं। रहवासियों ने मांग की है कि उन्हें उसी जगह पर स्थाई समाधान दिया जाए और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घरों को न तोड़ा जाए।

बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बोला,मकान नहीं दिया तो होगा आंदोलन

बड़ी संख्या में पहुचे ग्रामीणों ने तोड़फोड़ की कार्रवाई से नाराज होकर एक स्वर में बोले कि इसी तरह की कार्रवाई हुई और बेघर किया गया तो आने वाले दिनो मे आंदोलन करने के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा।

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