बिलासपुर नगर निगम और स्मार्ट सिटी की तीन बड़ी कार्यवाही, सिम्प्लेक्स के तीस करोड़ रुपए राजसात, कांग्रेसी ठेकेदार 5 साल के लिए ब्लैकलिस्टेड, एक पर 37 लाख जुर्माना
बिलासपुर नगर निगम और स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने एक ही दिन में तीन बड़ी कार्यवाहियों को अंजाम दिया है। इसमें वर्षों तक अरबों रुपए का शहर में सिवरेज का काम करने वाली सिंपलेक्स कंपनी की बैंक गारंटी और सिक्योरिटी डिपॉजिट के तीस करोड़ रुपए राजसात कर कंपनी को टर्मिनेट कर दिया गया है। नगर निगम में ठेका लेने के लिए ओरिजिनल की जगह 77 लाख रुपए के एफडीआर की फोटोकॉपी जमा करने वाले ठेकेदार को पांच साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। वहीं निर्माण कार्य में लेटलतीफी करने वाले कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 37 लाख 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
बिलासपुर। बिलासपुर नगर पालिका निगम स्मार्ट सिटी में बड़ा एक्शन लेते हुए तीन बड़ी कार्यवाहियों को अंजाम दिया है। काम में देरी करने वाले और कदाचरण करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए अलग-अलग मामलों में ब्लैक लिस्टिंग, पेनल्टी वसूल और टर्मिनेशन जैसी कार्यवाहियां की गई है।
इन मामलों में बिलासपुर शहर को कई वर्षों तक सिवरेज के नाम से दंश झेलने को मजबूर करने वाली सिवरेज कंपनी भी है। बता दे सिवरेज के नाम से पूरे शहर में गड्ढा खोदा गया। जिसके चलते शहर वासियों को प्रदूषण झेलने के अलावा दुर्घटनाओं का भी शिकार होना पड़ा। कई लोगों ने दुर्घटनाओं में अपने हाथ पैर तुड़वाये और कई लोग जान तक गंवा बैठे। कंपनी आधा अधूरा काम छोड़कर भुगतान नहीं मिलने के नाम से भाग खड़ी हुई। अब निगम ने कार्यवाही करते हुए कंपनी की बैंक गारंटी और सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा तीस करोड़ रुपए की राशि राजसात कर ली है। इसके अलावा चर्चित कांग्रेसी ठेकेदार ने स्मार्ट सिटी के काम का ठेका लेने के लिए निगम में 77 लाख रुपए के एफडीआर की मूल प्रति की जगह फोटोकॉपी जमा कर दी। इस मामले में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने पूर्व में भी कांग्रेसी ठेकेदार पर 16 लाख 50 हजार रुपए की पेनाल्टी लगा जुर्माना वसूला था। अब दोबारा उस पर और बड़ी कार्यवाही करते हुए उसकी फर्म को पांच साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इसके अलावा नाला,सड़क और सौंदर्यीकरण का ठेका ले काम में देरी करने वाले ठेकेदार पर भी 37 लाख 50 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया है। जानिए निगम की तीनों बड़ी कार्यवाहियों के बारे में विस्तार से…
अरपा उत्थान एवं तट संवर्धन प्रोजेक्ट में इंदिरा सेतु से शनिचरी रपटा तक नदी की दोनों ओर नाला,सड़क और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। उक्त कार्य को गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में नदी की दांयी ओर इंदिरा सेतु से पुराना पुल तक बस प्रथम चरण को पूर्ण किया गया है। ठेका कंपनी को शेष कार्य तीव्र गति से पूर्ण करने के निर्देश देने के बावजूद कार्य धीमी गति से संचालित किया जा रहा है। कार्य में प्रगति नहीं लाने पर एमडी अमित कुमार के निर्देश पर ठेका कंपनी गणपति इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 37 लाख 50 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया।
स्मार्ट सिटी परियोजना में राजीव गांधी चौक से तैयबा चौक तक स्टार्म वॉटर ड्रेन और दिव्यांग फ्रेंडली फुटपाथ का निर्माण किया गया है। उक्त कार्य का ठेका कमल सिंह ठाकुर को मिला था। शर्तों के अनुसार कार्य के लिए एपीएस और पीवीजी के मूल एफडीआर जमा करना था पर उसके स्थान पर डुप्लीकेट फोटोकापी ठेकेदार द्वारा जमा किया गया था, जांच में यह बात सिद्ध हुआ। स्मार्ट सिटी प्रबंधन द्वारा जांच में यह तथ्य पाए जाने पर पूर्व में ही ठेकेदार के भुगतान से 16 लाख 50 हजार रुपए पेनाल्टी के रूप में काटा गया था और कार्य के आरएफपी में उल्लिखित कंडिका के अनुसार दोषी पाए जाने पर आज ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट करते हुए आगामी पांच साल के लिए सभी प्रकार की निविदाओं में भाग लेने के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
शहर में अंडरग्राउंड सीवेज प्रोजेक्ट के कार्य में प्रगति लाने के लिए सिंप्लेक्स कंपनी को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर 10 फरवरी को अंतिम नोटिस भेजा गया। इसके बावजूद कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इस स्थिति में निगम कमिश्नर के निर्देश पर सिंप्लेक्स कंपनी को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही कंपनी की बैंक गारंटी और सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा 30 करोड़ रुपए को राजसात कर लिया गया है। निगम अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि परियोजनाओं की प्रगति में कोई विलंब न हो।