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बिलासपुर में आफत की बारिश ने खोली नगर निगम की पोल…..शहर डूबा, जिम्मेदार बहानेबाज़ी में व्यस्त….रविवार को होने वाले व्यापम परीक्षा में बनाए गए केंद्रों का जायजा लेने पानी में चलते हुए पहुंचे MLA और कलेक्टर

बिलासपुर । तीन दिन से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के अनेक मोहल्ले और कॉलोनियां जलमग्न हो चुकी हैं, घरों में घुटनों तक पानी भर गया है और लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा शर्मनाक पहलू यह है कि यह स्थिति पहली बार नहीं बनी वर्ष दर वर्ष बारिश के मौसम में यही कहानी दोहराई जाती है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान को लेकर नगर निगम और शहरी प्रशासन की तैयारियां हर बार नाकाफी साबित होती हैं।लगातार हो रहे बारिश से करीब 65 वार्डों में जल भराव की स्थिति बन चुकी है दूसरे दिन भी पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर चुकी इसके बावजूद भी नगर निगम के जिम्मेदार झांकने तक नहीं पहुंचे हालांकि रविवार को होने वाले परीक्षा के लिए बने सेंटर पर आज कलेक्टर और विधायक सहित निगम के अधिकारी मुआयना करने पहुंचे।


दरअसल नगर निगम के अलग-अलग वार्डों में जल भराव जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है निगम के द्वारा पानी की समुचित निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण कॉलोनियों के घरों में गंदा पानी घुसने से लोग परेशान हैं।शहर के ज्यादातर हिस्से जैहे की सिरगिट्टी तिफरा,यदुनंदन नगर,उसलापुर,अमेरी,मंगला सरकंडा सहित अलग-अलग इलाकों में पानी भरा हुआ है ऐसे ही हालात सिरगिट्टी क्षेत्र में देखने को मिली है जहां रविवार को व्यापम की आबकारी आरक्षक परीक्षा होने के लिए बनाए गए सेंटर सिरगिट्टी हाई स्कूल में भी पानी भरा हुआ है। बरसात के कारण हर साल यहा यही जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लोगों के द्वारा स्कूल में पानी निकासी की कई वर्षों से मांग उच्च अधिकारियों और बडे जनप्रतिनिधियों से कर रहे हैं बावजूद इस पर अब तक अमल नहीं किया गया है। हालांकि कलेक्टर संजय अग्रवाल और विधायक धरमलाल कौशिक मौके पर पहुंचकर मुआयना किये।


स्कूल के पीछे नाला होने के कारण बारिश का पानी क्लासरूम तक घुस चुका है लगातार हर बरसात के मौसम मे स्कूल की हालत नाले की बाढ़ के कारण डुब जाता है जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। रविवार को व्यापम की आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित है।स्कूल के परिसर व भीतर पानी जमावडा की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के विधायक धरमलाल कौशिक, कलेक्टर संजय अग्रवाल, निगम आयुक्त अमित कुमार, और डीईओ स्कूल पहुंचे और स्कूल परिसर मे भरे पानी मे चलकर स्कूल परिसर परीक्षण किया। जलभराव को देखते हुए परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही सेंटर बदलने की आशंका से अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ सकती थी लिहाजा अधिकारियों ने निर्णय लिया कि परीक्षा यहीं होगी।परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ऊंचा प्लेटफॉर्म(तखत) लगाकार आने-जाने की व्यवस्था की जाएगी और परीक्षा ऊपर के कमरों मे की जाएगी इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर भी स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विस्तृत चर्चा हुई।

कालोनियां और सरकारी दफ्तरों के अलावा कलेक्टर बंगला भी बारिश की चपेट में

सरकंडा क्षेत्र की शिवम होम्स कॉलोनी इसका ताज़ा उदाहरण है। यहां बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिससे फ्रिज, टीवी, सोफा, पलंग जैसे महंगे घरेलू उपकरण और फर्नीचर बर्बाद हो गए।
सिर्फ कॉलोनियां ही नहीं,सरकारी भवनों और दफ्तरों तक में जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं। सिरगिट्टी, विनोबा नगर, जरहाभाठा, नेहरू नगर जैसे इलाके तो बारिश शुरू होते ही झील में तब्दील हो जाते हैं। सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों तक में पानी भरना यह दर्शाता है कि नगर निगम की योजना और कार्यशैली कितनी खोखली है।

दावे की खुली पोल,शहर से लेकर गांव तक पानी ही पानी

भारी बारिश से पूरे जिले की व्यवस्था चरमरा गई है। शहर से लेकर गांव तक बस्तियों में पानी भर गया है। सोन गांव की आधी बस्ती बारिश की पानी में गोता लगा रहा है और शहर में पानी लोगों के घरों घुस गया है। लगातार हो रही


बारिश से बड़े बड़े दावों के बीच बारिश ने प्रशासन की पोल खोल दी है। बाढ़ नियंत्रण के लिए की गई पूरी व्यवस्था केवल ढकोसला साबित हो रही है। बारिश के बाद शहर की व्यवस्था तो सब देख ही रहे है। कालोनियों में नाव चलाने की नौबत आ गई है।

सोन गांव की आधी बस्ती बाढ़ की चपेट में

मस्तूरी विकासखंड का अंतिम गांव सोन की आधी बस्ती बाढ़ की चपेट में है। यहां 55 से अधिक घर पानी में डूब गए है। लोग अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने के लिए मजबूर है। विडंबना ये है कि आधी बस्ती में बनी भरा हुआ है ग्रामीण भगवान भरोसे है। ग्रामीण अधिकारियों को फोन पर सूचना दे रहे है। इसके बाद भी मौके में जाना उचित नहीं समझ रहे है। सब एक दूसरे को फोन से केवल निर्देश दे रहे है। सोन गांव की पूरी व्यवस्था कोटवार और सरपंच के भरोसे चल रहा है।

लीलागर नदी में आया बाढ़,लोगो मे दहशत,घरों में घुसा पानी

लीलागर नदी किनारे बोहारडीह टांगर बिनौरीडीह केवटाडीह और सोन डेरा में आई बाढ़, गांव की गलियों समेत घर में घुसा पानी
बिलासपुर मस्तूरी क्षेत्र
लीलागर नदी के पानी से रोड में भर पानी जिससे आवा गमन में बाधित हो रही है।


लीलागर नदी में आई बाढ़ से गांव की गलियां और खेत पानी में डूब गए। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नाले का जलस्तर इतना बढ़ा कि बोहारडीह देवनारायण के घर में पानी घुस गया। घरों में रखे टीवी, कूलर और राशन को दूसरे जगह ले जाया गया और मुख्य सड़क मार्ग
बोहारडीह से भरारी टांगर पचपेड़ी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। खेतों की ओर जाने वाला रास्ता डूब गया।


और ग्राम पंचायत केवटाडीह लीलागर नदी किनारे में लगाए गए कई एकड़ जमीन के सब्जी बाढ़ में डूब गया ।लोग जान जोखिम में डालकर उसी रास्ते से आना-जाना कर रहे हैं। गांव के कई घरों में पानी भर गया। लोग अपने घर छोड़कर दूसरों के घरों में शरण ले रहे हैं। गांव का मंदिर भी पानी में डूबा गया है। लोग सड़क में पानी 15 किलोमीटर दूर से घूम कर जाना पड़ रहा है और सोन डेरा के परदेसी पटेल दुलारी पटेल रामशिला पर राजकुमार साहू ने सामूहिक रूप से कहा कि देर शाम तक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं। इतनी बड़ी परेशानी के बाद भी किसी ने हालचाल तक नहीं पूछा। ग्रामीणों में नाराजगी जताई ।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट,भारी बारिश की चेतावनी

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन मौसम विज्ञान विभाग ने जो बुलेटिन जारी किया है, उसके अनुसार जशपुर, बिलासपुर, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बलोद, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव और नारायणपुर में अगले 24 घंटे में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं अगले 48 घंटे में बिलासपुर, मुंगेली और कोरबा जिले भी इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं।सबसे ज्यादा खतरा मुंगेली, कोरबा और कांकेर जिलों में है, जहां मौसम विभाग ने ‘बहुत भारी वर्षा’ की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 75 प्रतिशत से अधिक संभावना जताई गई है कि अत्यधिक बारिश हो सकती है।

वर्जन
तात्कालिक रूप से रविवार को जो परीक्षा है उसे स्कीप न करना पडे उसकी तैय्यारी को लेकर देखने पहुंचे हैं साथ ही इस समस्या का स्थाई समाधान नाला को सीधा करना है।उसमे जो सडक पुरे बस्ती से घुमकर आता है।उसमे बच्चो के सहित स्टाफ को भी समस्या होता है। इसलिए नाले मे पाईप लगाकर सड़क सीधे स्कूल से जोड़ देगें इससे पानी की जो समस्या है। उससे निजात मिलेगी और सीधे स्कूल तक सडक पहुंच जायेगी इसके लिए आज कलेक्टर और निगम आयुक्त से चर्चा हुई है।आने वाले समय मे इस समस्या का स्थाई समाधान मिलेगा।

धरमलाल कौशिक विधायक बिल्हा

वर्जन
मूसलाधार बारिश के कारण हर जगह पानी भरा हुआ है।इस बार असाधारण बारिश हुई है।अगली बार किसी विशेषज्ञ इंजीनियर से स्थाई समाधान निकलवाया जायेगा

पूजा विधानी
महापौर नगर निगम बिलासपुर

वर्जन
रविवार को एक्जाम की अधिसूचना जारी हो चुकी है।लोगो को प्रवेश पत्र दिया जा चुका है।इसमे उपर मे कमरे हैं और जाने के रास्ते मे पानी है तो अभी हम लोगो डिसाइड की है की बच्चे के लिये आने जाने के लिए तखत का इस्तेमाल करेगे। ताकी भीगे न और उपर मे आराम से परीक्षा दे। जलभराव की हर साल की समस्या है उसे हमने समझा है की जो नाले पीछे से घुमकर जा रहा है उसे सीधा करेगे और उसके लिये हम बैठकर प्लान बनायेंगे।

संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर

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