बिलासपुर में यूजीसी बिल के समर्थन में सामाजिक शक्ति का प्रदर्शन

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अंबेडकर चौक से उठी सामाजिक न्याय की बुलंद आवाज…
यूजीसी कानून के समर्थन में सर्व समाज की एकजुटता….
बिलासपुर । सामाजिक न्याय के समर्थन में बड़ी ताकत देखने को मिली, जब एससी-एसटी-ओबीसी-माइनर्स महासंघ और छत्तीसगढ़िया सर्व समाज के संयुक्त तत्वावधान में अंबेडकर चौक में विशाल सभा और रैली आयोजित की गई।यह आयोजन यूजीसी बिल के समर्थन में किया गया, जिसे संगठनों ने पिछड़े वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा और संविधान की गरिमा को मजबूत करने वाला कदम बताया।सुबह 11 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम के बाद रैली निकाली गई और बिलासपुर कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।मीडिया से चर्चा में पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी कानून का वे पूर्ण समर्थन करते हैं।संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट से भी अपील की कि इस कानून को यथावत रखा जाए।उनका कहना है कि यह कानून सामाजिक भेदभाव को ध्यान में रखते हुए लाया गया है।हालांकि कुछ लोगों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है, लेकिन उसके जवाब में आज यह सभा आयोजित की गई।सभा के जरिए सामाजिक न्याय के पक्ष में एकजुटता का संदेश दिया गया।
यूजीसी बिल पर बिलासपुर से मजबूत संदेश संविधान की गरिमा के समर्थन में रैली
भारत के राजपत्र में प्रकाशित विश्वविधालग की अनुदान आयोग अधिसूवना 2026 उच्च शिक्षा नाई संस्थानों में श्रमता के संवर्धन के लिए लागू करने में आदि के रुकावटों का कार्रवाई के सक्षम पक्ष कतों एवं अंतिम रूप में फैसला संसद में कानून बनाकर की जाए। इस विनिमय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कैस लगने पर केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। इस विनिमय
में ओबीसी वर्ग को जाति उत्पीड़न से निजात दिलाने शामिल किया गया है। इस विनिमय में आर्थिक नहीं जातिगत भेदभाव के लिए बनाया गया है। ईडब्ल्यूएस या किसी भी वर्ग के अन्य के खिलाफ है और यदि ईडब्ल्यूएस वर्ग के साथ अन्य होता है तो यह विधि डांटिक धाराओं में न्याय पा सकता है। एससी एसटीओबी वर्ग से अनिवार्य प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित बनाने के लिए विनिमय में सुधार कर जोड़ा जाए इस विनिमय अनुरूप कानून नियम सभी शैक्षणिक संस्थानों में लागू किया जाए।