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बेलतरा से लेकर कोटा तक माफियाओं का आंतक, रेत और मुरूम की अवैध खोदाई पर तत्काल लगे रोक

अवैध खनिज उत्खनन पर अपनी ही पार्टी की सरकार के प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाने वाले भाजपा ज़िला अध्यक्ष का इशारा  आख़िर किसकी ओर ?

जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी ने की  मांग, माफियाओं पर समय रहते अंकुश लगाने की मांग !

बिलासपुर। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व बेलतरा से विधायक प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी ने जिले में खनिज माफियाओं के चल रहे गोरखधंधे पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने और इस तरह की गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विजय ने कहा कि माफियाओं के आंतक के कारण बेलतरा से लेकर कोटा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ है। रेत और मुरुम की बेतहाशा हो रही खोदाई के कारण सरकार को भी चौतरफा नुकसान हो रहा है। खनिज पदार्थेांं के बेतहाशा दोहन के कारण पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। मुरूम की अवैध खोदाई के कारण बेशकीमती सरकारी जमीनें ना केवल खराब  हो रही है बल्कि चंबल घाटी जैसा बीहड़ हो गया है और इससे लोगों के जानमाल का खतरा भी पैदा होा गया है। विजय ने जिला प्रशासन से मांग  करते हुए कहा, की आख़िर ज़िला प्रशासन क्यों  इतना मजबूर और असहाय है , अगर समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो किसी भी दिन किसी भी क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन की बेरुखी के कारण ग्रामीणों का गुस्सा फूटने लगा है। यह किसी दिन बड़े रूप में सामने आ सकता है। “विजय ने सवाल उठाते हुए कहा, सरकारी तंत्र के होने के बावजूद किसके संरक्षण और किसके इशारे पर जिले में तबाही मचाई जा रही है। आख़िर किसका संरक्षण इस तरह के काम करने वालोें को मिला हुआ है इसे भी बेनकाब करने की जरुरत है। “

*अवैध उत्खनन को लेकर सत्ताधारी दल में रार*

विजय केशरवानी ने सत्ताधारी दल भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा, रेत और खनिज पदार्थों के अवैध उत्खनन को लेकर सत्ताधारी दल में  भाजपा में ही अब विराेध की स्थिति बनने लगी है। भाजपा के जिलाध्यक्ष ने ही इस तरह की व्यवस्था और पर्दे के पीछे चल रहे गोरखधंधे की पोल खोल दी है। यह गंभीर बात है, सत्ताधारी दल के जिला भाजपाध्यक्ष ने ही अपनी सरकार के व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। उनकी भावनाओं और उनके इशारे को समझने की जरुरत है। आखिर जिले में माफियाराज को हवा देने वाले पर्दे के पीछे से क्या चाल चल रहे हैं। इनकी मंशा क्या है, यह भी समझने की जरुरत है।

*मासूम की मौत, चिंता की बात*

रेत माफिया अब तो मासूमों को भी इस खेल में झाेंकने से परहेज नहीं कर रहे हैं। गुरुवार को रतनपुर चेत्र में घटी घटना ने तो अचरज में डाल दिया। नाबालिग की मौत हो गई और एक युवक जिंदगी और मौत के  बीच अस्पताल में झूल रहा है। जरुरत इस बात की है, समय रहते इस पर सख्ती के साथ अंकुश लगाने की जरुरत है।

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