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बोर का खनन जारी…….भीषण गर्मी में बीच शहर मे बोर का खनन….थाना और मुख्य सड़क मार्ग में आंखों कें सामने पानी निकालने किया जा रहा खनन

विलासपुर। कलेक्टर के आदेश पर बोंर खनन पर प्रतिबन्ध लगा हुआ है। हालाकि कलेक्टर ने आदेश में यह जरूर लिखा है कि बोर खनन करवाने को एसडीएम से अनुमति लेना होगा।बिना अनुमति के बोर खनन नहीं हों पाएगा।अन्यथा कार्रवाई होगी।
इस आदेश के बाद बोर खनन करने वालो के बीच हड़कंप मचा हुआ है।इसके बाद भी कई जगह सेटिंग से बोर का खनन किया जा रहा है।जिसमे पूरी तरह से सेटिंग करके काम कर रहे है।


दरअसल श्रीकांत वर्मा मर्ग स्थित मित्र विहार में बोर का खनन किया जा रहा है।यह बोर खनन कुछ दिन पहले भी किया जा रहा था जिसकी तैयारी की जा चुकी थी।लेकिन वह पुलिस और मीडिया की डर से गाड़ी लेकर भाग गया था।चूंकि कल श्री हनुमान जन्मोत्सव था इसलिए उसका पूरा फायदा उठाकर बोर खनन की मशीन और कर्मचारियों को लेकर पहुंचा और रात को ही मौका पाकर पूरा मशीन फीट कर दिया और बोर खनन का काम शुरू कर दिया।इसकी भनक कुछ दूरी पर स्थित तारबाहर थाना और मुख्य सड़क मार्ग में होने के बाद भी किसी को नहीं लगी।
जिसका पूरा फायदा उठाकर बोर खनन करने वाले ने उठाया और बोर का खनन कर दिया।

मस्तूरी के बोर खनन करने वाले का नाम ज्यादा

बता दे की बोर खनन करने के मामले में मस्तूरी के बोर खनन करने वाले का नाम ज्यादा चर्चा में है।लोग बोलते है कि उसकी सेटिंग तगड़ी है और वह बिना अनुमति के भी बोर का खनन कर देता है।इसलिए पैसा भी ज्यादा लेता है।

पीएचई और एसडीएम से लेनी है अनुमति

कलेक्टर के आ के अनुसार बोर खनन करने के लिए पीएचई और एसडीएम से अनुमति लेनी होगी ।बिना अनुमति के बोर खनन करने वालो पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।जिनको कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन करने के जुर्म में जेल भी जाना पड़ सकता है।

क्यों है बोर के खनन पर प्रतिबन्ध

बता दे इन दिनो पानी की समस्या हों रही है और भीषण गर्मी को देखते हुए किसान लोग भी डबल फसल ले रहे है। जबकि डबल फसल लेने के लिए मना किया गया है। क्योंकि गर्मी कें फसल में पानी की खोट ज्यादा होती है।इसलिए फसल लेने की मनाही होती है इसके बाद भी कई किसान फसल लेने से नहीं चूकते हैं।

कई जगहों पर सुख चुके है बोर,पाइप की पड़ रही दरकार

ऐसे कई जगह है जहां पर बोर में पाइप की जरूरत पड़ रही है।कई हेंड पंप सुख चुके है।जिनमें पाइप डालने की जरूरत पड़ रही है। सूत्र बता रहे है कि100 फीट से नीचे पाइप नहीं डाला जा रहा है। हर जगह ज्यादा से ज्यादा पाइप डालकर पानी की पूर्ति की जा रही है।

लगातार पड़ रही गर्मी,पिछले कुछ वर्षो से पानी की होने लगी है किल्लत

एक समय था कि पानी को लेकर लोगो मे उत्साह बना हुआ रहता था उसके बाद धीरे धीरे करके पानी की कमी होने लगीं तो पानी की समस्या भी बढ़ने लगी और लोग पानी के लिए तरसने लगें, अब आलम ये हो गया है कि जो लोग पानी का मोल नहीं समझे और पानी का बहाव करके फिजूल खर्च किए है वे लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे है। जिनको अब समझ आ रहा है कि आखिर पानी की कीमत क्या है।

भारी गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने लिया निर्णय

जिले के कलेक्टर ने भारी गर्मी को देखते हुए यह निर्णय लिया है ताकि आने वाले दिनों के पानी की किल्लत न हो और पानी को लेकर किसी कों जुझना न पड़े ।इसलिए अभी कुछ दिनों के लिए प्रतिबन्ध लगाकर पानी का बचाव करने निर्देशित किया है।

वाटर हार्वेस्टिंग की जरूरत…लोगो ने दिए अपने सुझाव

कलेक्टर और आयुक्त को शहर और आसपास कें क्षेत्रों में पानी के बचाव और रखरखाव के लिए वाटर हार्वेस्टिंग पर ज्यादा जोर देना चाहिए।ताकि लोग इसकी कीमत को समझे।और बिना वाटर हार्वेस्टिंग के बड़े बिल्डिंग,आपार्टमेंट, फैक्ट्री,व्यावसायिक परिसर और कालोनियों पर रोक लगा देना चाहिए। इसके लिए कलेक्टर और आयुक्त को कड़े तेवर कें साथ पेश आना चाहिए। ताकि शहर के लोग इसके लिए खुद गंभीर हो।

जनजागरूकता अभियान भी एक अभियान

पानी कें बचाव और पानी की बचत करने के अलावा लोगों को और ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है।ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा जागरूक हो।और इसकी कीमत समझे क्योंकि पानी अनमोल और पानी की जरूरत सभी को है। कहते है न कि जल है तो कल कल है।

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