ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संतोष गर्ग के नेतृत्व में नेहरू चौक बना आंदोलन का केंद्र

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मनरेगा और मताधिकार के मुद्दे पर कांग्रेस का सियासी शक्ति प्रदर्शन
बिलासपुर। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी-1 के अध्यक्ष संतोष गर्ग के नेतृत्व में शुक्रवार को बिलासपुर का नेहरू चौक सियासी आंदोलन का गवाह बना। मनरेगा बचाव संघर्ष संग्राम और एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से नाम काटे जाने के विरोध में सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक धरना एवं सांकेतिक चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में रोजगार और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर व्यापक आक्रोश देखने को मिला।
नेहरू चौक पर आयोजित इस आंदोलन की कमान ब्लॉक कांग्रेस कमेटी-1 के अध्यक्ष संतोष गर्ग ने संभाली। उनके नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक सड़क पर उतरे। धरना स्थल पर लगातार नारेबाजी और संबोधन के जरिए मनरेगा को कमजोर करने और मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि गरीबों के रोजगार और नागरिकों के मताधिकार पर किसी भी तरह का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने सड़क से लेकर सदन तक जनता की आवाज पहुंचाने की बात दोहराई। संतोष गर्ग के नेतृत्व में हुए इस धरना-प्रदर्शन को कांग्रेस संगठन की एकजुटता और जमीनी सक्रियता के रूप में देखा गया।
आंदोलन में जिला शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, विधायक अटल श्रीवास्तव, पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय, पंकज सिंह, समीर अहमद, सीमा धितेश विशेष रूप से मौजूद रहे।
इसके अलावा नगर निगम नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप, रामा बघेल, शिवा नायडू, दीपक कौशिक, अरविंद शुक्ला, बद्री यादव, संदीप बाजपेयी, मंडल अध्यक्ष अनिल पाण्डेय, संतोष ढीमर, विनय वैद्य, हैरी डेनियल, राजेश यादव, अशोक भंडारी, युवराज तिवारी, राजीव रतन सिंह, रवि सोलांले, सतीश बघेल, सतीश राठौर, शारदा नागरकर, किरण तिवारी, संगीता मोइत्रा, पुष्पेन्द्र साहू, शेरू असलम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन धरना स्थल पर डटे रहे।
सांकेतिक चक्का जाम के दौरान नेहरू चौक पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। आंदोलन के जरिए कांग्रेस ने मनरेगा, रोजगार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को शहर के केंद्र में लाकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया।