भीषण गर्मी में बत्ती गुल स्मार्ट मीटर चालू…..डबल और भारी भरकम बिल तोड़ रही उपभोक्ताओं की कमर

महंगाई की मार से पहले ही कराह रहे उपभोक्ताओं को मार रहा विद्युत वितरण कम्पनी
बिलासपुर। विद्युत वितरण कम्पनी उपभोक्ताओं को बिजलीं आपूर्ति करने के लिए व्यवस्था बनाने की बजाय स्मार्ट मीटर और चिप सिस्टम का चोचला लाकर भीषण गर्मी में बिजलीं संकट और डबल बिजलीं बिल की दोहरी मार दे रहा है। जिन घरों में पहले 1000-1200 रुपये बिजलीं बिल आता था वहाँ अब डबल बिल आ रहे, कई उपभोक्ताओं के घरों में तो रिकार्ड तोड़ 7-7, 8-8 हजार रुपये का बिल आ रहा वो पूछ रहे कि वहीँ घर है उतनी ही बिजलीं और विद्युत उपकरण का यूज कर रहे फिर उनके घरों में फैक्ट्री की तरह बिल क्यो आ रहे है, उन्होंने घर मे कौन सा उद्योग लगा रखा है। वो भी तब जब 24 घण्टे में बिन आंधी बारिश कई बार बिजलीं ठप हो जा रही है। कभी आधी रात को तो कभी तड़के 4-5 बजे बिजलीं ठप होने से नींद पूरी नही हो रही जिसका असर उनकी सेहत पर पड़ रहा, डॉक्टरो से इलाज और दवाइयों में और खर्च हो रहा है।
*कांग्रेस सरकार में थी बिजली बिल हाफ*
लगातार बढ़ते बिजली का बिल और स्मार्ट मीटर की मार से लोगो की दबी जुबान खुलने लगी है। लोग कह रहे कि इससे बेहतर तो कांग्रेस शासनकाल था जिसमे बिजलीं बिल हाफ था। अब तो बिजलीं है नही और दो गुना बिजली का बिल आ रहा है। जिससे
आमजनता की कमर टूट चुकी है।यह समस्या सबसे ज्यादा सामान्य वर्ग के लोगो को होने लगी है जिनको अब आर्थिक बोझ ज्यादा सहना पड़ रहा है।जिनका बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है।अब इंसान यह सोचने लगा है कि आखिर खाए क्या और पहने क्या, क्योंकि बिजली बिल पटाना ज्यादा जरूरी है।नहीं तो सीधे लाइन काट दिया जाता है।
*कह रहे लोग वही घर उतनी ही बिजलीं और उपकरण फिर कैसे आ रहा अनाप- शनाप बिल*
बिजली उपयोग करने वालो का कहना है कि घर वहीं है कुलर, एसी पंखा और सब कुछ वैसा ही है।फिर भी स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिल डबल कैसे आ रहा है।जबकि कही कोई बिजली कि ज्यादा खपत भी नहीं है।पहले जैसा था वैसा ही खपत आज भी हो रहा है लेकिन जब से स्मार्ट मीटर लगा है तब से बिजली बिल बढ़ गया है।
*बिजली बिल का हर महीने का बनाया जाता है बजट*
सरकारी नौकरी वाला हो या फिर प्राइवेट काम करने वाला,सभी को बिजली की जरूरत पड़ती है और लगभग 500 से लेकर माध्यम वर्गीय परिवार में 2000 से 3000 हजार तक बिजली बिल आता है।इसमें ठंड में बिजली की खपत कम होती है इसलिए बिजली बिल कम आता है जबकि गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने से बिजली बिल ज्यादा आता है।लेकिन आमजनों का कहना है कि सामान्य मीटर से बिजली बिल के आने से कोई समस्या नहीं थी जब से स्मार्ट मीटर लगा है तब से अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता है।
*रीडर के मैनुअल त्रुटि के कारण आता होगा ज्यादा बिजली बिल*
कार्यपालन निदेशक एके अंबस्थ बोले स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर में इलेक्ट्रिकल पैरामीटर कि रिकॉर्डिंग बराबर है।अंतर यह है कि स्मार्ट मीटर डाटा को सर्वर में कम्युनिकेट करता है।
रीडर कें द्वारा मैनुअल में त्रुटि होने पर अधिक बिल आ जाता होगा।