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डोलोमाइट खदान की आड़ में पूजा-पाठ पर रोक

श्रद्धालुओं ने लगाई कलेक्टर से गुहार

बिलासपुर। ग्राम छतौना के सैकड़ों ग्रामीणों ने सामूहिक आवेदन सौंपकर कलेक्टर से श्री सिद्धमुनि बाबा आश्रम में पुनः पूजा-पाठ और दर्शन की अनुमति देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह आश्रम वर्षों से आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहा है, जहां हर नवरात्रि पर मनोकामना ज्योति कलश स्थापित कर विशेष पूजा की जाती रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई में डोलोमाइट खदान क्षेत्र में हत्या की एक घटना के बाद बीएसपी हिरी खदान प्रबंधन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए आश्रम में प्रवेश पर रोक लगा दी। उपमहाप्रबंधक सोमनाथ के आदेश से आश्रम को बंद कर दिया गया है और बीते तीन माह से वहां न तो पूजा हो रही है और न ही सफाई की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक स्थल में पूजा-पाठ पर रोक लगाना उनके धार्मिक अधिकारों का हनन है। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता में बाधा बताते हुए कहा कि आश्रम का महत्व न केवल छतौना बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी गहरा है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि बीएसपी प्रबंधन को निर्देशित कर पूर्व की तरह पूजा और धार्मिक गतिविधियां बहाल की जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर धार्मिक स्थलों पर रोक लगाने से लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं और पूरे क्षेत्र में रोष फैल रहा है। इस मामले ने अब ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन को जल्द निर्णय लेना चाहिए ताकि आश्रम में पुनः श्रद्धालु पूर्ववत पूजा और दर्शन कर सकें। फिलहाल, कलेक्टर से की गई इस सामूहिक गुहार पर सभी की नजरें टिकी हुई है

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