मड़वा पॉवर प्लांट के भू विस्थापितो का गुस्सा फूटा……215 दिन के अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद किया चक्काजाम….सड़क पर खुद बैठे MLA…..बोले,किसानों को परेशान मत करो

जांजगीर चाम्पा । जिले के मड़वा पॉवर प्लांट के भू विस्थापित ने आज 215 दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद आखिर कार आज गुस्सा फूटा और नेशनल हाइवे 49 मे चक्काजाम कर दिया,,, भू विस्थापितो के चक्काजाम को जांजगीर चाम्पा विधायक ब्यास कश्यप ने समर्थन दिया और सड़क मे बैठ कर आंदोलन किया,,नेशनल हाइवे मे चक्का जाम के बाद जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके मे तैनात रहे और मड़वा प्लांट प्रबंधन ने वार्ता कर भू विस्थापितो को संविदा नौकरी देने और नियमित पद निकलने पर उन्हें प्राथमिकता देने का लिखित आश्वासन दिया,जिसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया,,

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जांजगीर चाम्पा जिला मे अटल बिहारी बाजपेई पावर प्लांट के लिए शासन ने 2008 मे जमींन अधिग्रहित किया, और शासन की भू अधिग्रहण नीति के तहत मुआबजा और नौकरी देने का आश्वासन दिया था, और मड़वा, तेंदुभाठा के साथ 16 गांव का जमीन अधिग्रहण किया,, और भू विस्थापितो मे कुछ को नौकरी दी और जिनके घर के बच्चे 12 वी पास और अंस्किल्ड थे,उन्हें बच्चो को पढ़ने और प्रशिक्षण के बाद नौकरी का आश्वासन दिया था,, लेकिन 16 साल बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली,, अपनी मांग को लेकर ग्रामीण अधिकारियो के चक्कर काटते रहे और निराशा हाँथ लगने पर 215 दिन पहले अनिश्चित कालीन हड़ताल की, इसके बाद भी मड़वा प्रबंधन से कुछ आश्वासन नहीं मिलने पर बुधवार को 11 बजे से नेशनल हाइवे 49 मे चक्काजाम किया और अपनी मांगो को मनवाने के लिए जम कर नारे बाजी की,,

,मड़वा पावर प्लांट कि स्थापना के दौरान किसानो से किए गए वायदे को पूरा नहीं करने और भू विस्थापितों को उनका अधिकार नहीं मिलने पर जांजगीर चाम्पा विधायक ब्यास कश्यप भी भू विस्थापितो के साथ सड़क मे उतर गए और मड़वा प्रबंधन से चर्चा की,, जिला प्रशासन की अगुवाई मे मड़वा प्रबंधन और भू विस्थापितो के बीच वार्ता हुआ, और मड़वा प्रबंधन ने आंदोलित भू विस्थापितों को संविदा नौकरी देने और पद निकलने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियमित करने का लिखित आश्वासन दिया,,, जिसे विधायक और भू विस्थापितों से भरोसा किया और आंदोनल को समाप्त किया,,
अपने हक और अधिकार के लिए मड़वा गांव के साथ आसपास के बुजुर्ग महिला पुरुष 215 दिनों तक लगातार आंदोलन मे बैठे रहे और अपनी जमीन के बदले बच्चो का भविष्य बनाने कि चाहत को लेकर धुप,बरसात मे भी डटे रहे आख़िरकार मड़वा पावर प्लांट प्रबंधन भू विस्थापितो से चर्चा की और मामले का निराकरण हुआ, 2 घंटा के चक्का जाम के बाद भू विस्थापितों को राहत मिली और अब भू विस्थापितो के नौकरी का इंतजार समाप्त हो गया हैं।