मनरेगा बचाओ संग्राम: बिलासपुर में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन…नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट तक गूंजा विरोध, सरकार पर तीखा हमला
बिलासपुर। मनरेगा के स्वरूप में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में शुक्रवार को नेहरू चौक पर ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत जिला कांग्रेस कमेटी ने विशाल धरना दिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट घेराव के लिए रैली निकली। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा,ग्रामीण रोजगार के अधिकार से समझौता नहीं होगा।
चाहे इसके लिए सड़क पर उतरकर कितना भी आंदोलन क्यों न करना पड़े।
दरअसल मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेसियों ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के नेहरू चौक पर एकत्रित हुए और वहां से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकालते हुए घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में नारेबाजी और विरोध की गूंज सुनाई दी।
बता दे नेहरू चौक पर आयोजित सभा में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से ग्रामीण मजदूरों को नुकसान हो रहा है और 100 दिन की रोजगार गारंटी योजना का स्वरूप बदला जा रहा है। इस दौरान धरना प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट घेराव करने पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच में ही रोक लिया और वैरिडेटिंग कर उन्हें रोका गया इस दौरान पुलिस और कांग्रेस से कार्यकर्ताओं के बीच गहमा गहमी की स्थिति भी बनी रही।जिसके कारण माहौल गर्माया रहा।
रैली की शक्ल में पहुंचे बैरिकेटिंग के पास कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली हैं, जबकि गरीब और मजदूर वर्ग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है और जरूरत पड़ी तो लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी।वही मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने भी सरकार पर आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार गरीबों को परेशान कर रही है। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों की आजीविका का बड़ा सहारा है और इसे कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि मनरेगा कमजोर होती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन बढ़ेगा और बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखी गई और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी गईं।इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।जिन्होने जमकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगो को प्रमुखता से रखा।
मनरेगा को कानून से साधारण योजना में बदलने की कोशिश स्वीकार नहीं होगी
जिला प्रभारी सुबोध हरितवाल ने आरोप लगाया कि योजना के कानूनी स्वरूप को सीमित कर काम के अधिकार’ को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, मनरेगा को कानून से साधारण योजना में बदलने की कोशिश स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने 90:10 की केंद्र-राज्य हिस्सेदारी बहाल करने और ग्रामीणों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने सरकार पर मजदूर और किसान विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने ने स्पष्ट किया—मनरेगा और मजदूरों के अधिकारों पर संघर्ष अब और तेज होगा।
मनरेगा की राशि का भुगतान केंद्र सरकार करे
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा ने कहा, मनरेगा की राशि का भुगतान केंद्र सरकार करे, राज्य पर अतिरिक्त बोझ न डाला जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि केंद्र वित्तीय जिम्मेदारी से पीछे हटता है तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा।
न्यूनतम दैनिक मजदूरी 400 तय करने और कार्य-दिवस 125 से बढ़ाकर 150 करने की मांग रखी
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने न्यूनतम दैनिक मजदूरी 400 तय करने और कार्य-दिवस 125 से बढ़ाकर 150 करने की मांग रखी। उन्होंने कहा, मनरेगा सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि गांवों की आर्थिक रीढ़ है; इसे कमजोर करना सीधे मजदूर परिवारों की आय पर प्रहार होगा।
सुरक्षा घेरा कड़ा, बल प्रयोग की नौबत नहीं
पुलिस और जिला प्रशासन ने तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी। भारी फोर्स तैनात रही, कई स्तर पर बैरिकेड लगाए गए। एहतियात के तौर पर वाटर टैंकर भी रखा गया, लेकिन स्थिति ऐसी नहीं बनी कि पानी का उपयोग करना पड़े। प्रदर्शन तनावपूर्ण रहा, पर शांतिपूर्वक समाप्त हुआ।
लिंगियाडीह के प्रभावितों ने भी दी भागीदारी
लिंगियाडीह नगर निगम क्षेत्र के तोड़फोड़ से प्रभावित परिवार भी सैकड़ों की संख्या में शामिल हुए। वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने पुनर्वास सुनिश्चित करने और हाई कोर्ट के निर्देशों के पालन की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने उनका समर्थन किया। पाटिल ने कहा कि नगर निगम बेवजह छह पीढ़ियों से बसें लोगों को परेशान कर रहा है। इसके पीछे सिर्फ और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी नेताओं की भूमिका है। हम इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। चाहे हमारी जान चली जाए लेकिन पुश्तैनी जमीन नहीं छोड़ेंगे।
चारो तरफ ट्रैफिक मार्ग रहा व्यस्त
कांग्रेसियों के प्रदर्शन से नेहरू चौक और उसके आसपास ट्रैफिक जाम रहा ।जिसके कारण लोगो को ट्रैफिक जाम में फंसकर मुसीबतों का सामना करना l
पड़ा।कलेक्टर और एसपी ऑफिस आने वाले लोग नहीं पहुच सके बल्कि चारों तरह बैरिकेटिंग लगने से पैदल जाना पड़ा और कही कही पर पुलिस जाने भी नहीं दे रही थी।जिसके कारण कई लोगो को समस्याएं भी हुई।