भाजपा के राजेश सूर्यवंशी बने अध्यक्ष,और उपाध्यक्ष बनी ललिता

राजेश में कांग्रेस की सतकली को मात्र एक वोट से हराया
उपाध्यक्ष पद में ललिता कश्यप को मिले 9 वोट,स्मृति श्रीवास को 7 मत मिले,एक निरस्त हुए
बिलासपुर। भारी हंगामा और विवाद के बीच आखिरकार बिलासपुर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव संपन्न हो गया है। वोटिंग के बाद जारी हुए नतीजे में भाजपा के राजेश सूर्यवंशी अध्यक्ष पद के लिए विजयी घोषित हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र एक वोट से हराया है। कांग्रेस ने सतकली बावरे को अपना प्रत्याशी बनाया था।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने राजेश सूर्यवंशी को अपना समर्थन दिया था। जबकि कांग्रेस पार्टी ने सतकली बावरे को अपना समर्थन दिया था। भाजपा जिला पंचायत में 17 सदस्य हैं। करीबी मुकाबले में भाजपा के राजेश सूर्यवंशी ने एक वोट से जीत हासिल कर ली। राजेश सूर्यवंशी को 9 सदस्यों ने वोट दिया। जबकि कांग्रेस की सतकली बावरे को 8 वोट मिले हैं।
करीबी मुकाबले में दोनों दलों के समर्थकों के बीच भारी तनाव देखने को मिला। दोनों पक्षों के बीच गहमा गहमी का माहौल बना रहा और मतदान के दौरान भी जबरदस्त हंगामा होता रहा। नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा खेमे में जबरदस्त उत्साह बना रहा। जबकि कांग्रेस समर्थकों में निराशा का माहौल बना रहा।
स्मृति श्रीवास को कैसे मिले 7 वोट,और किसके हुए एक मत निरस्त,चर्चा का विषय बना
बता दे कि जिला पंचायत के भाजपा के 9 सदस्य है और कांग्रेस 7 सदस्य है जिसमें से एक निर्दलीय को भी साथ में रखा गया है जिसे मिलाकर 8 सदस्य होते है। इस तरह से जिला पंचायत के अध्यक्ष को 9 और सतकली बावरे को 8 मत मिले।इसी तरह भाजपा की उपाध्यक्ष प्रत्याशी ललिता कश्यप को 9 मत मिले है ।जबकि कांग्रेस की स्मृति श्रीवास को 7 मत मिले है जिसमें एक निरस्त हुआ है।अब इसमें किसी को यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर एक मत किसका निरस्त हुआ है।जिसके लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
कांग्रेस से निष्कासित त्रिलोक ने किया था दावा,सपोर्ट करो तो उपाध्यक्ष बनेगी स्मृति,अभियान हुआ फेल
कांग्रेस से निष्कासित त्रिलोक श्रीवास ने कांग्रेसियों से वादा करके यह दावा किए थे कि अगर कांग्रेस उसके निष्कासन को हटा दे और उसको सपोर्ट कर दे तो वह जिला पंचायत के उपाध्यक्ष पद पर कब्जा कराने में एडी चोटी का जोर लगा देगा।और हर हाल में स्मृति श्रीवास को उपाध्यक्ष बनवा देगा।जिसमें कांग्रेस ने हामी भर दी। लेकिन सारे दावे और सारे वायदे फेल हो गए।
हंगामा और विवाद के बीच हुआ जिला पंचायत का चुनाव
हंगामा और नारेबाजी के बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। प्रयास के बावजूद कांग्रेस अपने प्रत्याशियों को नहीं जीता सकी। भाजपा के राजेश सूर्यवंशी ने एक मत से कांग्रेस प्रत्याशी सतकली बावरे को हराया। स्मृति त्रिलोक श्रीवास को उपाध्यक्ष पर दो मतों से हार मिली है।जिसमें एक मत निरस्त हुए है जिसकी चर्चा जोरो से बनी हुई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष से उलझे कांग्रेस जिलाध्यक्ष,बोले चुनाव प्रभावित कर रहे भाजपा के लोग,नारेबाजी कर जमकर मचाया हंगामा

जिला प्रशासन के निर्देश पर कार्यालय से बाहर कांग्रेसी पंडाल के नीचे बैठकर चुनावी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। लेकिन दूसरे दरवाजे से भाजपा नेता बेरोक टोक कार्यालय के अन्दर पहुंचकर अपने दलों के सदस्यों का मार्गदर्शन करते पाए गए। इसी दौरान जानकारी मिली कि भाजपा संगठन पदाधिकारी जिला अध्यक्ष दीपक सिंह के साथ मिलकर पदाधिकारी चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। इतना सुनते ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। कार्यालय के अन्दर घुसकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव बहिष्कार का एलान शुरू कर दिया।इस दौरान भाजपा के जिलाध्यक्ष दीपक सिंह और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी के बीच जमकर तू तू मैं मैं हुई उसके बाद दोनों पक्षों के गहमा गहमी होने के कारण माहौल गरमा गया ।इधर हंगामा के बाद जिला पंचायत कार्यालय और पुलिस प्रशासन हरकत में आयी। दोनों ही दलों के पदाधिकारियों को कार्यालय से बाहर किया। इस दौरान विजय केशरवानी और दीपक सिंह ठाकुर के बीच जमकर तू तूम मैं मैं हुआ। माहौल बिगडते देख पुलिस टीम भी सक्रिय हो गयी। इसी बीच केशरवानी और राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि जब तक भाजपा नेता कार्यालय से बाहर किए जाएंगे…हम चुनाव नहीं होने देंगे। इसके बाद किसी तरह दोनों दलों के नेता बाहर आए। और जिला पंचायत कार्यालय का एक दरवाजा बन्द किया गया।
जिला पंचायत के बाहर भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का रहा जमावड़ा
जिला पंचायत भवन के सामने कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा बना रहा ।और लोगो की धड़कने तेज रही की आखिर चुनाव में क्या होगा।कई लोग एक दूसरे से यह चर्चा करते रहे कि कही कुछ गड़बड़ न हो जाएं।कही कोई क्रॉस वोटिंग न कर दे।यही कारण था कि नामांकन दाखिल करने के बाद भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को वापस भाजपा कार्यालय बुला लिया था।
शुरू से लेकर अंत तक राजेश का नाम चला।और आखिरी में मुहर भी लगा
बता दे कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चूंकि सीट आरक्षित थी इसलिए आरक्षण वाले को ही मौका मिलेगा।इसमें जब चुनाव जीतकर आए तो राजेश और अरुणा का नाम चला लेकिन अंदरूनी तौर पर क्लियर कर दिया गया कि राजेश के नाम को ही फाइनल किया जायेगा।और आखिरकार शुरू से लेकर अंत तक राजेश सूर्यवंशी के नाम को चलाया गया उसके बाद फाइनल भी कर दिया गया । राजेश चूंकि अनुभवी है और सक्रियता बनी रहती है इसलिए उनका नाम आगे चला।इसके साथ ही वे भाजपा के नेताओं के पसंदीदा भी है जिसके कारण उनके नाम पर किसी को कोई आपत्ति नहीं थी।
राजेश बोले,पार्टी ने मौका दिया हैंतो पूरी निष्ठा लगन और मेहनत के साथ काम किया जायेगा
नवनियुक्त जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करने के बाद कहा कि उन्हें पार्टी ने मौका दिया है, वह जिला पंचायत के विकास और जनता की सेवा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। जिला पंचायत अंतर्गत आने वाले सभी कार्यों को मिलकर किया जायेगा और कोशिश किया जायेगा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाया जाए और इसका लाभ जनता को दिया जाए।
ललिता बोली,महिलाओं को मौका दिया गया है,भरोसे पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगी
नवनियुक्त उपाध्यक्ष ललिता कश्यप ने जीत हासिल करने के बाद कहा कि यह एक चुनौती वाला सफर था।जिसमें मुझ जैसी महिला को मौका दिया गया है।चूंकि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं पर ज्यादा फोकस कर रही है इसलिए उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा उतरने का प्रयास करूंगी।जिला पंचायत में होने वाले पूरे कार्यों को हर ब्लॉक और पंचायतो में किया जायेगा।बिलासपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गंगा बहेगी।