मर्यादा पुरुषोत्तम की करुणा से हुआ अहिल्या का उद्धार..जनकपुरी में गूंजा जय श्रीराम….युवाओं को लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा

बिलासपुर। भगवान श्री राम के युवा काल पर प्रकाश डालते हुए स्वामी जी ने कहा कि श्री राम ने युवावस्था में ही विश्वामित्र के साथ जाकर धरती को असुरों से मुक्त करने का संकल्प लिया उन्होंने युवाओ से आहान किया कि वे अपने जीवन का लक्ष्य तय करे और उसे प्राप्त करने के लिए उचित साधनों का उपयोग करे भसगवान श्री राम ने समाज हित के लिए जंगलों में जाकर आसुरी शक्तियों का नाश किया था।वेदों में भी लिखा है नेति नेति अर्थात् इसके आगे भी है । स्वामी जी सनातन की विशालता का बखान करते हुए बोलते है के सनातन धर्म में कोई खिड़की या दरवाज़ा नहीं है जो बंद हों, ये आपको उड़ने के लिए नवविचार के लिए स्वतंत्रा देता है । केवल सनातन बोलता है सभी का कल्याण हो , विश्व ही परिवार हो ।अहिल्या उद्धार की कथा के वर्णन के समय बताया तुलसी दस जी कहते है प्रभु बिना कारण के कल्याण करते है । ऋषि विश्वामित्र के साथ श्री राम लक्ष्मण के मिथिला आगमन की कथा सुनाते हुए बताया की हमे अपने बच्चो को कथा सुनानी चाहिय जिससे उनमे संस्कार दिए जा सके । संकल्प युवा अवस्था में ही कर कार्य सिद्धि की जा सकती है ।

जनक जी जब राम जी और लखन जी को देखते है तो अत्यंत पुलकित होकर बार बार निहारते रहते है । पुष्प वाटिका का विवरण करते हुए बताते है की कैसे सीता जी गौरी मंदिर में पूजा अर्चना करते है और राम जी सरल होते हुए सभी बाते गुरुजी से बताते है ।आगे परशुराम और शिव धनुष की कथा सुनाते हुए जय माला का विवर्ण करते हुए बताया के आज के समय में आडंबर रहित हो कर संस्कृति से विवाह की परम्परा निर्वाहित करनी चाहिय । विदाई कर सुंदर संगीत वादन हुआ । अयोध्या में सभी चारों भाइयो और बहुओं का धूमधाम से स्वागत किया ।परिवार का महत्व बताया ।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से विभूति भूषण पांडेय,रामधन रजक,प्रदीप शर्मा,दिलीप शर्मा,गणपति रॉयल,दिग्विजय सिंह,माधव मिश्रा,डॉ देवेंद्र कौशिक,बृजेन्द्र शुक्ला,विजय जगत,यश मनहर ,राजेश तिवारी,डॉ योगेंद्र गुप्ता,डॉ शिरीष मिश्रा
एवं पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के पदाधिकारी प्रकाश ग्वालानी,किशोर गेमनानी,पी एन बजाज,धनराज आहुजा,विनोद मेघानी,रूपचंद डोडवानी,किशोर विधानी,अजय भीमनानी उपस्थित रहे।